नई दिल्ली। एयर होस्टेस गीतिका शर्मा के ई-मेल और फेसबुक अकाउंट में मौजूद सामग्री के रिकॉर्ड पुलिस की जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
बावजूद इसके पिछले 17 दिनों से इस मामले की जांच में रात-दिन एक कर रही दिल्ली पुलिस न ही उसके तीन ई-मेल अकाउंट को खोल सकी है और न ही डिएक्टिवेट किए गए फेसबुक अकाउंट को री-एक्टिवेट कराने में सफलता हासिल कर सकी है।
गीतिका के भाई अंकित शर्मा के अनुसार मामले की तफ्तीश में जुटी पुलिस टीम को उसके तीन ई-मेल एड्रेस सौंपे गए थे। पुलिस लगातार उससे यही कह रही है कि पासवर्ड नहीं होने की वजह से ई-मेल अकाउंट नहीं खोले जा सके हैं।
पुलिस हमसे बार-बार ई-मेल के पासवर्ड मांग रही है, जबकि हम कई बार कह चुके हैं कि हमारे पास पासवर्ड नहीं है। वहीं इस बाबत मामले की जांच से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार तीनों ई-मेल आईडी को खोलने के लिए पुलिस प्रयासरत है।
इस संबंध में आईटी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। पुलिस ने इसके लिए गूगल और फेसबुक से भी संपर्क किया है। इस प्रक्रिया में करीब एक सप्ताह का समय लगता है।
इस बीच इस मामले में एक और नया नाम सामने आया है। एमडीएलआर कंपनी की कर्मचारी खुशबू की लैपटॉप से कई मेल भेजे गए थे। जानकारी के मुताबिक उसी के लैपटॉप से कांडा, गीतिका को ईमेल भेजता था।