जैसे ही आता था एक खास फोन, चीख पड़ती थी गीतिका

नई दिल्ली। परिजन, पुलिस और वकील, सब का कहना है कि एमडीएलआर से फोन आते ही गीतिका तनाव में आ जाती थी। आखिर ऐसी क्या बात थी, जिसने गीतिका को मौत को गले लगाने पर मजबूर कर दिया।
एयरहोस्टेस गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में छह दिन बाद भी मुख्यारोपी हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस का बस एक ही जवाब है कि आधा दर्जन से ज्यादा टीमें कांडा की तलाश में दिल्ली, हरियाणा व गोवा में छापेमारी कर रही हैं।
यह हाल तब है जब खुद जिला डीसीपी पी. करुणाकरण की देखरेख में मामले की सारी जांच की जा रही है। पुलिस को अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी मिल गई है। रिपोर्ट पर डीसीपी का कहना है कि फिलहाल इतना ही कह सकते हैं कि गीतिका की मौत फांसी लगाने से हुई है।
अन्य कारणों को उजागर करना सामजिक दृष्टिकोण व न्यायिक प्रक्रिया के लिहाज से उचित नहीं होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुद्दे पर पुलिस का कहना है कि गीतिका की मौत फांसी लगाने से हुई है। गीतिका के गले पर वी शेप लिगेचर मार्क पाया गया है, जो फांसी लगाकर आत्महत्या करने के मामले में अमूमन पाया जाता है।
मौत का कारण एस्फिक्सिया बताया गया है, यानी सांस रुक जाने के कारण बाहर की ऑक्सीजन नहीं मिल पाना। उधर, परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ कांडा का भाई कह रहा है कि वह सोमवार को आत्मसमर्पण कर सकता है, वहीं दूसरी ओर पुलिस उसे ढूंढ ही नहीं पा रही है।
अरुणा का फोन आते ही चीख पड़ती थी
गीतिका के भाई अंकित शर्मा ने बताया कि नौकरी छोड़ने के बाद से ही गीतिका पर लगातार नौकरी ज्वाइन करने का दबाव बनाया जा रहा था, लेकिन वह इसके विरोध में थी। इसी वजह से अरुणा लगातार उसे फोन करती थी और ऑफिस आने के लिए कहती थी।
जब भी अरुणा का फोन गीतिका के पास आता तो वह परेशान होकर चिल्लाने लगती और हमेशा अरुणा को दोबारा फोन न करने की हिदायत देती थी। इसके अलावा एमडीएलआर का लीगल एडवाइजर अंकित आहलूवालिया भी लगातार गीतिका को फोन करके परेशान करता था।
कांडा और पुलिस
कांडा की तलाश में आधा दर्जन से ज्यादा पुलिस की टीमें कर रहीं हैं छापेमारी। हरियाणा और गोवा में की जा रही है गोपाल की तलाश। आत्महत्या के असल कारण को अभी तक नहीं जान सकी पुलिस।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी देने से बच रही है पुलिस। रिपोर्ट की जानकारी देने को न्यायिक प्रक्रिया के लिहाज से उचित नहीं मान रही है पुलिस। पुलिस पर परिजनों ने लगाया कांडा को ढूंढने में लापरवाही का आरोप।
मुंबई में भी आया था अहलूवालिया का फोन
अंकित शर्मा का यह भी कहना है कि तीन अगस्त को जब गीतिका मुंबई में अपने भाई का फैशन शो देखने के लिए पहुंची थी, तो अंकित अहलूवालिया का फोन उसके मोबाइल पर आया था। उस फोन के बाद से ही गीतिका काफी परेशान हो गई थी। इसी परेशानी के साथ वह दिल्ली लौट आई थी।
फर्जी मामले में फंसाए जाने का गीतिका को था डर
गीतिका के भाई अंकित व मां अनुराधा शर्मा का कहना है कि नौकरी छोड़ने के बाद से लगातार आ रहे फोन व एसएमएस से वह काफी परेशान हो गई थी। गीतिका के लैपटॉप से कुछ लेटर भी मिले हैं, जिसमें ऐसी धमकियों का जिक्र है।
इस सिलसिले में अनुराधा के पास भी फोन आए थे। जब गीतिका से यह कहा जाने लगा कि यदि वह नहीं मानेगी तो उसके परिवार वालों को भी फंसा दिया जाएगा तब वो ज्यादा परेशान हो गई।
कोई बीएमडब्ल्यू व जमीन नहीं कराई थी गीतिका के नाम
अंकित ने यह भी साफ किया कि कांडा ने कभी भी गीतिका के नाम पर न तो कोई बीएमडब्ल्यू कार और न ही दुबई में कोई जमीन खरीदी थी। इतना ही नहीं कांडा ने गीतिका को कोई बीएमडब्ल्यू कार भी नहीं दी थी।
ये सब बातें असल मामले को गुमराह करने के लिए सामने लाई जा रही हैं। जो लोग इन बातों पर ध्यान दे रहे हैं, वह कहीं न कहीं कांडा की मदद कर रहे हैं।
कांडा की लिव-इन पार्टनर और नुपुर पर गीतिका ने दर्ज करवाई थी एफआईआर







