नई दिल्ली. करबला की संपत्ति को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद ने पुलिस को तीन दिन का समय दिया है। उधर, चेहल्लुम के मौके पर पुलिस ज्यादती के खिलाफ दरगाह शाहे मर्दा के बाहर शिया धर्मगुरु और उनके सैकड़ों समर्थकों ने सांकेतिक गिरफ्तारी देकर अपने गुस्से का इजहार भी किया।
बताते चलें कि सोमवार को अंजुमन-ए-हैदरी ने पुलिस ज्यादती के विरोध में सांकेतिक गिरफ्तारी कार्यक्रम रखा था। इसमें लखनऊ, सिवान, मुंबई और कोलकाता समेत कई शहरों से शिया धर्मगुरुओं के अलावा बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उधर, टकराव की स्थिति को टालने के लिए आला पुलिस अधिकारियों ने सभा शुरू होने से पहले ही विवादास्पद गेट का ताला खुलवा दिया। इसके बाद शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद ने सभा में कहा कि आंदोलन सिर्फ पुलिस ज्यादती और मांगों के समर्थन में किया जा रहा है। कॉलोनी वालों से कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने बताया कि गेट को लेकर विवाद खड़ा करना एक साजिश है, करबला की जमीन पर बनी नर्सरी को खाली कराने का मुददा दब जाए, इसलिए गेट के विवाद को खड़ा किया गया है।
अंजुमन की सिर्फ तीन ही मांगे हैं, इसमें करबला की जमीन से नर्सरी को खाली कराना, इलाके में वक्फ शाहे मर्दा की पूरी संपत्ति की चारदीवारी करना और चेहल्लुम के मौके पर पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की है उसे वापस लेना। उन्होंने कहा कि अगर तीन दिन में मांगों को पूरा नहीं किया गया तो तीन फरवरी को लखनऊ में बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ तो मुल्क के अलग-अलग कोने में भी इस तहरीक को आगे बढ़ाया जाएगा। कल्बे जव्वाद ने साफ किया मांगों के समर्थन में लंबी लड़ाई के लिए तैयार हैं और पूरा आंदोलन कानून व शांति के दायरे में किया जाएगा। काला ताजिया मंगलवार को निकलेगा। कोलकाता से आए शिया धर्मगुरु मौलाना अथर ने कहा कि गेट का ताला खोलकर पुलिस ने अपनी गलती को मान लिया है। अब पुलिस अफसर उलेमाओं के खिलाफ दर्ज एफआईआर को वापस लें और लिखित में अपनी गलती मानें।
मौलाना मोहसिन अली तकवी ने क्षेत्र में फैली गलतफहमी को दूर करते हुए बताया कि झगड़ा कॉलोनी वालों से नहीं है। तकरीर के बाद कल्बे जव्वाद समेत उलेमाओं और समर्थकों ने सांकेतिक गिरफ्तारी दी। पुलिस अफसरों ने भी गिरफ्तारी के बाद फौरन ही रिहाई का ऐलान कर दिया। उलेमाओं के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट को वापस लेने के मुददे पर अधिकारियों ने कहा कि मामला सरकार तक पहुंचा दिया गया है और जैसा हुक्म होगा उसी पर अमल किया जाएगा।
यहां बता दें कि चेहल्लुम के मौके पर 15 जनवरी को गेट को लेकर पुलिस और सोगवारों में बवाल हो गया था। पुलिस ने अकीदतमंदों पर लाठीचार्ज, फायरिंग और आंसू गैस के गोले दागे थे। इस विवाद में पुलिस ने शिया धर्मगुरुओं समेत आठ लोगों के खिलाफ चोरी की रिपोर्ट दर्ज की थी।