अगर दिल्ली पुलिस गिरफ्तार न करे तो कांडा हो जाएगा पेश : केटीएस तुलसी

दिल्ली हाईकोर्ट ने एयर होस्टेस गीतिका शर्मा खुदकुशी मामले में मुख्य आरोपी और हरियाणा के पूर्व गृह राज्यमंत्री गोपाल की किस्मत का फैसला फिलहाल सुरक्षित रख लिया है। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मंगलवार शाम कांडा की अग्रिम जमानत अर्जी पर फैसला सुरक्षित रखने की बात कही। अब नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर रहेंगी। इस दौरान दिल्ली पुलिस जल्द से जल्द उसकी गिरफ्तारी के प्रयास और तेज कर सकती है। पुलिस की कोशिश रहेगी कि हाईकोर्ट का फैसला आने से पहले कांडा उसकी गिरफ्त में हो, क्योंकि अगर उसे अग्रिम जमानत मिल गई तो मामले में पुलिस की जांच प्रभावित होगी।
इससे पूर्व कांडा की तरफ से आज दिल्ली हाईकोर्ट में कहा गया कि उसके खिलाफ आईपीसी की धारा ३०६ यानि आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई मामला ही नहीं बनता। यह मुकदमा दुष्प्रेरणा के तहत उन पर किया गया। वहीं जस्टिस पीके भसीन ने कांडा के वकील से पूछा कि अगर गोपाल कांडा फरार नही है तो वह पेश क्यों नहीं होता? इस पर कांडा की तरफ से कहा गया कि अगर उन्हें गिरफ्तार न करने का आश्वासन मिले तो वह तुरंत दिल्ली पुलिस के सामने पेश हो जाएंगे, क्योंकि अरूणा चड्ढा के पुलिस के सामने पेश होने पर उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया था।
इसी वजह से वह पुलिस के सामने पेश नहीं हो रहे। अगर उनके मुवक्किल ने अपने पद का दुरूपयोग किया या गीतिका को प्रताडि़त किया है तो भी इससे साबित नहीं होता कि कांडा ने गीतिका को खुदकुशी के लिए उकसाया। कांडा की तरफ से पेश वरिष्ठ वकील केटीएस तुलसी ने कांडा की अग्रिम जमानत अर्जी पर चल रही सुनवाई के दौरान यह बातें हाईकोर्ट में कही हैं।
वही, दिल्ली पुलिस की तरफ से हाईकोर्ट में कहा गया कि कांडा की अग्रिम जमानत का विरोध किया। पुलिस ने कहा,इस षड्यंत्र का खुलासा करने के लिए कांडा को हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है। वह मामले की जांच के शुरुआती चरण में ही भाग गया जबकि उसे नोटिस देकर बुलाया भी गया था। घटनाक्रम की श्रंखला के आधार पर पता चलता है कि कांडा ने गीतिका को खुदकुशी के लिए मजबूर किया। पुलिस ने अदालत को बताया कि कांडा गीतिका पर एक नामी एयरलाइंस की नौकरी छोडऩे का दबाव बनाने के लिए दुबई गया था। उसके साथ सहयोगी अरूणा चडढ़ा भी थी। गीतिका के परिवार का कहना है कि जब गीतिका कांडा के साथ काम नहीं कर रही थी, तब वह उसे प्रताडि़त करता और कहता था कि वह दुबई में अपनी नौकरी खो देगी।
उल्लखेनीय है कि गोपाल कांडा ने सोमवार को ही हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी। फरार चल रहे कांडा की जमानत अर्जी में कहा गया है कि गीतिका अतिसंवदेनशील थी और आत्महत्या का कृत्य अस्वस्थ मस्तिष्क और कुंठित व्यक्ति का काम है। कांडा ने रोहिणी की सत्र अदालत द्वारा उसकी अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज किए जाने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
उसने अर्जी में यह भी कहा है कि गीतिका अपने निजी जीवन और कार्य में संतुलन बनाने में असफल रही। आत्महत्या के नोट में लिखी बात से यह काफ ी हद तक यह स्पष्ट हो जाता है कि गीतिका जीवन की परेशानियों और सामान्य चिडचिड़ेपन, तनाव, उतार-चढ़ाव से निपट नहीं पाई। गीतिका ने बीते पांच अगस्त को उत्तरी दिल्ली स्थित अपने आवास पर पंखे से लटकी पाई गईं थीं। उसने खुदकुशी करने से पहले लिखे सुसाइड नोट में कांडा और अरूणा पर उसे प्रताडि़त करने का आरोप लगाया था। अरूणा फिलहाल पुलिस रिमांड में हैं।







