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यहां बनेगा सबसे ऊंचा 'मेट्रो ट्रैक'

 
Source: अशरफ काजमी   |   Last Updated 01:46(09/02/12)
 
 
 
 
नई दिल्ली। मुकुंदपुर-यमुना विहार लाइन के धौला कुंआ स्टेशन पर दिल्ली मेट्रो एयरपोर्ट लाइन के ऊपर से दौड़ेगी। यहां मेट्रो लाइन की ऊंचाई अपने नेटवर्क में सबसे ज्यादा 23 मीटर होगी। इसी ऊंचाई पर स्टेशन भी बनेगा, लेकिन प्रबंधन के सामने व्यस्त रिंग रोड और एयरपोर्ट मेट्रो रूट को बाधित किए बिना काम करने की बड़ी चुनौती भी होगी। मुकुंदपुर-यमुना विहार के 56 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में करीब 12 किलोमीटर रास्ता अंडरग्राउंड रहेगा।

थर्ड फेज में बनने जा रहा धौला कुआं मेट्रो स्टेशन अब तक का सबसे ऊंचा स्टेशन होगा। इसके साथ ही, स्टैंडर्ड गेज लाइन पर बनने वाला यह स्टेशन 140 मीटर लंबा भी होगा। दक्षिण दिल्ली में धौला कुआं स्टेशन बनने से सबसे ज्यादा फायदा साउथ कैंपस में पढ़ने वालों को होगा।

मोती कॉलोनी, वसंत कुंज इलाके में रहने वालों को भी मेट्रो से मंजिल तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इसके अलावा, एनसीआर समेत राजधानी के अलग-अलग हिस्सों से आईजीआई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा। यहां से हाईस्पीड एयरपोर्ट मेट्रो में सवार होकर हवाई अड्डे जाने की सुविधा भी होगी।

सत्यानिकेतन धौला कुआं स्टेशन के बीच में होगा। सड़क के दोनों ओर स्टेशन में आने-जाने के लिए गेट भी बनाए जाएंगे। इसमें दो गेट सत्यानिकेतन की तरफ होंगे, जबकि एक गेट विपरीत दिशा में होगा। इससे आम लोगों को यह फायदा होगा कि वे स्टेशन के नॉन पेड एरिया का बतौर फुट ओवर ब्रिज के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे।

स्टेशन बनाने के लिए प्रबंधन ने टेंडर फाइनल कर दिया है। साथ ही, निर्माण कार्य के दौरान रिंग रोड पर यातायात प्रभावित होने से रोकरने के लिए भी सर्वे कर लिया है। जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक डाइवर्जन करने के लिए प्रबंधन ने यातायात पुलिस के अफसरों से रजामंदी ले ली है।

धौला कुआं स्टेशन बना रहे मेट्रो के चीफ इंजीनियर सीपी सिंह ने मानते हैं कि नीचे व्यस्त रिंग रोड और ऊपर एयरपोर्ट मेट्रो का रूट बिना बाधित किए हवा में ही दिल्ली मेट्रो के लिए पटरियां बिछाना किसी चुनौती से कम नहीं है। एयरपोर्ट मेट्रो के ऊपर नई लाइन बिछाने का काम सिर्फ रात में हाईस्पीड मेट्रो का संचालन बंद होने के बाद किया जा सकेगा। सड़क पर पिलर खड़े करने में कोई दिक्कत नहीं होगी, लेकिन एयरपोर्ट मेट्रो की लाइन के दस मीटर ऊपर दोनों पिलर को जोड़ने के लिए स्पेशल स्पैन लगाए जाएंगे।

स्पैन को ऊपर तक पहुंचाने के लिए हाइड्रोक्लोरिक रिग्स, सेगमेंट (टुकड़े) जोड़ने के लिए लॉंचर्स और छोटी-बड़ी कई क्रेनों की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने बताया कि स्टेशन के निर्माण के दौरान आसपास की किसी भी इमारत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।


तीन जगह अंडरग्राउंड दौड़ेगी ट्रेन

मुकुंदपुर-यमुना विहार 56 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में तीन अलग-अलग स्थानों से ट्रेन अंडरग्राउंड ट्रैक पर भी दौड़ेगी। इसमें भीकाजी गामा प्लेस से हजरत निजामुद्दीन, मुकुंदपुर से शालीमार बाग और एक छोटा हिस्सा नारायणा का भी शामिल रहेगा। इस रूट की लाइन राजौरी गार्डन, नेताजी सुभाष प्लेस, आईएनए स्टेशन, लाजपत, आजादपुर, मयूर विहार फेज वन और एयरपोर्ट मेट्रो के धौला कुआं स्टेशन को भी क्रॉस करेगी।

तकनीक व ट्रेनिंग का सहारा

व्यस्त सड़क के ऊपर स्टेशन बनाने और हाईस्पीड एयरपोर्ट मेट्रो के रूट पर भी दिल्ली मेट्रो के लिए नई पटरियां बिछाने में तकनीक का पूरा इस्तेमाल किया जाएगा। इस काम को करने के लिए प्रबंधन मजदूरों को भी चार हफ्तों की विशेष ट्रेनिंग देगा।

इसके पीछे प्रबंधन का मकसद यह है कि निर्माण के दौरान कोई हादसा न हो और दूसरे सड़क के साथ ही एयरपोर्ट मेट्रो रूट पर यातायात भी बाधित न हो। ट्रेनिंग पूरी करने वालों को एक खास किस्म का बैच दिया जाएगा। इस बैच को लगाए बिना किसी को भी साइट पर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
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