गडकरी ने देशवासियों के विश्वास को दांव पर लगाया: केजरीवाल

नई दिल्ली। केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद और गांधी परिवार के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ आरोप लगाने और सबूत पेश करने के बाद अब भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी सामाजिक कार्यकर्ता अरविन्द केजरीवाल के निशाने पर आए हैं। केजरीवाल ने कांस्टीट्यूशनल क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में गडकरी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होने गडकरी के महाराष्ट्र में भूमि घोटाले में शामिल होने के आरोप लगाए।
केजरीवाल ने कहा, नितिन गडकरी का बहुत बड़ा व्यावसायिक साम्राज्य है। क्या उनके व्यापारिक हित विदर्भ के किसानों के हितों के विरुद्ध हैं ? उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पेशे से डॉक्टर अंजलि दमानिया (जोकि प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद थीं) को महाराष्ट्र में सिंचाई घोटाले के बारे में पता लगाया। इसकी जानकारी पाने के लिए उन्होंने आरटीआई दाखिल की और उनके हाथ कुछ सबूत लगे। इसमें पता चला कि राज्य में ७० हजार करोड़ खर्च होने के बावजूद किसानों को पानी नहंी मिला। राज्य में भाजपा के विपक्षी दल होने के नाते अंजलि को लगा कि नितिन गडकरी इस मसले पर कुछ कर सकते हैं। जब वह सबूतों सहित उनसे मिलने पहुंची तो गडकरी ने उनसे कहा कि शरद पवार हमारे हित में चार काम करते हैं और हम उनके हित में चार काम करते हैं।
इसके बाद अंजलि और इंडिया अगेंस्ट करप्शन की कार्यकर्ता प्रीति ने साथ मिलकर एक महीने तक खुद जांच पड़ताल की। उन्हें पता लगा कि नागपुर जिले में किसानों से बांध के लिए अधिग्रहित की गई करीब 100 एकड़ जमीन को महाराष्ट्र के तत्कालीन सिंचाई मंत्री अजीत पवार ने नितिन गडकरी को गैरकानूनी रूप से दे दिया। जब किसानों ने यह जमीन सरकार से वापस मांगी थी तो उन्हें यह जमीन नहीं लौटाई गई। उल्टा गडकरी खुद उस जमीन पर खेती कर रहे हैं।
अरविंद ने आगे कहा, किसानों की जमीन की सिंचाई के लिए बनाए गए बांध का सारा पानी नितिन गडकरी की कंपनियों को दिया जा रहा है। उन्होनें कहा, महाराष्ट्र में 71 पावर प्लांट बनने प्रस्तावित हैं। अगर ये बने तो यह पॉवर प्लांट बने तो किसानों को पानी नहीं मिल पाएगा।
उन्होने आरोप लगाया कि राज्य में चाहे कांग्रेस हो, भाजपा हो या फिर एनसीपी और शिवसेना सभी दलों के नेताओं की बड़ी कंपनियां हैं। उन्होनें कहा, गडकरी देश के लोगों का विश्वास दांव पर लगा रहे हैं।






