अफजल संसद पर हमले में शामिल था। हमले के दो दिन बाद ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पांच दिन बाद उसने मीडिया के सामने हमले में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली थी। जानिये अफजल द्वारा दिए गए एक इंटरव्यू में उसी की जुबानी संसद पर हमले की पूरी कहानी
सवाल : संसद हमले के हमलावर कौन थे?
अफजल : बेसिकली जो पांचों बंदे संसद में घुसे थे, वे पांचों पाकिस्तान के थे। इनका चीफ था मोहम्मद। उसके बाकी चार साथी थे हम्जा, हैदर, राणा और राजा। इनका मेन मोटिव ये था कि अंदर जो लोकसभा में एमपी थे, जो कंप्लीट पॉलिटकल लीडरशिप है, उसको खत्म करना। यह उनका पहला मोटिव था। यह उन्होंने पहले दिन मुझे बताया था।
सवाल : इनकी मदद कौन कर रहा था और पीछे कौन था?
जवाब : मैं कर रहा था। और मेरी मदद यही लोग कर रहे थे। पीछे से इनका लीडर गाजी बाबा मदद कर रहा था। वो पाकिस्तान से है। उसका चीफ था जम्मू कश्मीर का। गाजी बाबा के पीछे जैश और उसकी पूरी तंजीम है। उनका लीडर तो वही है। पाकिस्तान में मौलाना मसूद है।
सवाल : पूरे ऑपरेशन की जानकारी पहली बार आपको कब मिली?
जवाब: मैं मोहम्मद को एक-डेढ़ महीने पहले लाया था। तब उसका कोई टारगेट नहीं था। उसने पहले दिल्ली एसेंबली और एंबेसी इलाके की रेकी की। दरअसल, जब मैं दूसरी बार श्रीनगर गया तब गाजी मिला। उसने मुझे बताया कि मोहम्मद को टारगेट दे दिया है। टारगेट नहीं बताया। मुझसे कहा कि मोहमद को बताना कि टारगेट एचीव के लिए जल्दी प्रयास करे। मैंने आकर मोहम्मद से पूछा तो उसने कहा कि जल्दी ही संसद पर हमला करना है। हमले में शामिल बाकी चार लोगों को मैं ही लेकर आया था।
सवाल: उन्हें पहले से पता था कि टारगेट क्या है?
जवाब : हां। वे जानते थे। चारों पंजाबी बोल रहे थे। मुझे निश्चित लोकेशन नहीं पता कि वे रहने वाले कहां के थे। पांचों ने हमले से एक दिन पहले पाकिस्तान फोन किया था। मोहम्मद तो हमेशा फोन करता था। और राजा और राणा ने मेरे सामने अपने पैरेंटस से बात की थी। मोहम्मद तो हमेशा चौट करता था। पाकिस्तान और अरब अमीरता से भी।
सवाल : गाजी से कंधार के बारे में क्या बात हुई?
जवाब : उसने बताया कि मैं प्लेनहाईजैकिंग का पार्ट था। इसमें पांच लोग शामिल थे। एक नाम इब्राहिम था।