थर्ड फेज में और ज्यादा रफ्तार से दौड़ेगी मेट्रो
Source: अशरफ काजमी | Last Updated 01:16(08/02/12)
नई दिल्ली. थर्ड फेज पूरा होने के बाद दिल्ली मेट्रो की रफ्तार में इजाफा हो जाएगा। इससे मुसाफिरों को मंजिल तक पहुंचने में कम समय लगेगा। इसके अलावा मेट्रो में यात्रियों के बैठने की जगह भी ज्यादा होगी। कोच में दस गुना ज्यादा लाइट का इंतजाम करने के लिए एलईडी सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा।
मेट्रो प्रबंधन ने थर्ड फेज का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए लक्ष्य 2016 तय किया है। इस दौरान मेट्रो के नेटवर्क में 103 किलोमीटर का इजाफा हो जाएगा। राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में पहुंच होने के अलावा एनसीआर में भी काफी दूर तक ट्रेन जाएगी। सभी गाड़ियां छह कोच की होंगी और इनमें यात्रियों के बैठने की क्षमता भी ज्यादा होगी।
स्टैंडर्ड गेज ट्रैक पर ट्रेन का संचालन होगा, लेकिन कोच ब्रॉड गेज के बराबर चौड़े होंगे। इस वजह से कोच में 50 यात्रियों के बैठने की ज्यादा जगह हो जाएगी। प्रबंधन ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ाने का भी फैसला किया है। वर्तमान में मेट्रो 32 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड से चलती है, जबकि थर्ड फेज में इसकी रफ्तार 36 किलोमीटर प्रतिघंटे की हो जाएगी।
रफ्तार बढ़ाने के लिए छह कोच की ट्रेन में चार पैंटोग्राफ लगाए जाएंगे। वर्तमान में चार कोच की ट्रेन में दो पैंटोग्राफ लगे हैं। चार पैंटोग्राफ लगने से ट्रेन को रोकने और स्पीड देने में समय कम लगेगा। इससे मेट्रो के यात्री अपनी मंजिल तक पहले के मुकाबले कम समय में पहुंच जाएंगे।
प्रबंधन का दावा है कि स्पीड बढ़ने के बाद ट्रेन अपना एक ट्रिप भी महज दो घंटे 45 मिनट में पूरा कर लेगी। प्रबंधन ने ट्रेन में रोशनी की क्षमता को बढ़ाने के लिए एलईडी सिस्टम लगाने के लिए रजामंदी दे दी है। इसका फायदा यह होगा कि प्रबंधन को रखरखाव पर खर्च नहीं करना पड़ेगा और बिजली की खपत भी कम होगी।