नगर निगम चुनाव: कांग्रेसी पार्षद भी कोर्ट में
Source: Dainikbhaskar news | Last Updated 01:19(08/02/12)
नई दिल्ली. तीन हिस्सों में विभाजित दिल्ली नगर निगम चुनाव संबंधी जारी एक अधिसूचना को रद्द करने की मांग वाली एक याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग से जवाब तलब किया है। यह याचिका एक कांग्रेसी पार्षद ने दायर की है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए अनुचित और मनमाने तरीके से आवंटित की गई है। इससे पहले दिल्ली चुनाव आयोग द्वारा जारी इस अधिसूचना के खिलाफ कापसहेड़ा से भाजपा पार्षद अनिल यादव और एक वकील कुलदीप सिंह ने भी न्यायालय में याचिका दायर की है।
जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस राजीव शकधर ने राज्य चुनाव आयोग को नोटिस जारी करने का आदेश दिया और सुनवाई 15 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी। यह याचिका उत्तरी दिल्ली के मजनूं का टीला से कांग्रेसी पार्षद विकास ने दायर की है।
विकास ने याचिका में कहा है कि चुनाव आयोग द्वारा जारी अधिसूचना में विधानसभा सीटों की आबादी के आधार पर अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए सीटें आरक्षित की गई हैं और वार्डो में उनकी संख्या की अनदेखी गई है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली नगर निगम के आगामी चुनावों के लिए अनुसूचित जाति उम्मीदवारों के लिए सीटें आरक्षित करने के नोटिफिकेशन को रद्द करने की मांग करती याचिका पर पर भी दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग से जवाब तलब किया है। न्यायालय ने आयोग को आदेश दिया कि वह एमसीडी चुनाव के लिए उनके द्वारा जारी अधिसूचना पर अपना स्पष्टीकरण दें। उक्त याचिका पर भी सुनवाई 15 फरवरी होगी।