गुडग़ांव. किसी भी अस्पताल का आईसीयू मरीजों के लिए जिंदगी की आस का आखिरी मुकाम होता है, लेकिन मंगलवार को गुडग़ांव के सनराइज अस्पताल के आईसीयू में भर्ती आधा दर्जन से अधिक मरीजों के सामने मौत का ऐसा तांडव हुआ कि जिंदगी सहम गई।
हवा में तैर रही गोलियां किसी भी मरीज की जान ले सकती थी, लेकिन जिदंगी की जिद ने आस नहीं टूटने दी और बदमाशों द्वारा चलाई अंधाधुंध गोलियों से आईसीयू की दीवारें-छत छलनी हो गई।
वर्चस्व की लड़ाई में एक गुट द्वारा पीट दिए जाने के बाद जान बचाने के लिए सनराइज अस्पताल के आईसीयू में पहुंचे खांडसा के निवासी सतबीर (53) और उसके बेटे जोगेन्द्र (23) व एक अन्य रविन्द्र को आईसीयू के अंदर के आखिरी कोने में खाली पड़े तीन बेड्स पर जब लेटाया जा रहा था लेकिन जिस तेजी से यहां अगला घटनाक्रम हुआ वह न केवल मरीजों व बल्कि अन्य मौजूद लोगों को भी कंपकंपाने वाला था।
अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों के मुताबिक ठीक 3. 26 मिनट पर स्ट्रेचर पर लेटे खून से लथपथ जोगेन्द्र को लाया लाया गया और ठीक छह मिनट बाद 3 बजकर 32 मिनट पर उसके पिता सतबीर को लाया गया।