अब ड्यूटी के वक्त डॉक्टरों को कोर्ट में नहीं लगानी पड़ेगी हाजिरी
Source: संदीप कुमार | Last Updated 02:02(10/02/12)
नई दिल्ली. डॉक्टरों को अब ड्यूटी के वक्त बतौर गवाह जिला अदालतों में पेश होने के झंझट से छुटकारा मिल सकेगा। ज्यादातर मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट्स से यह कह दिया गया है कि वे डॉक्टरों को समन जारी कर सुबह 10 बजे (ओपीडी के वक्त ) न बुलाएं। उन्हें दोपहर बाद ही बुलाया जाए। दरअसल, आपराधिक मामलों में अभियोजन या बचाव पक्ष की ओर से डॉक्टरों को गवाही के लिए बुलाया जाता है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इस बाबत निर्देश जारी किए हैं। राजधानी के चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने अपने अधीन सभी मजिस्ट्रेटों के लिए एक परिपत्र जारी करते हुए कहा है कि यह नोटिस में आया है कि कुछ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अदालतें डॉक्टरों को समन जारी कर बतौर गवाह अदालत में सुबह 10 बजे ही बुला रही हैं।
यह दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा इस संदर्भ में जारी की गई गाइडलाइन का उल्लंघन है। इसके अनुसार सभी मजिस्ट्रेट अदालतें यह सुनिश्चित करें कि वे डॉक्टरों को गवाह के तौर पर बुलाने के लिए जो समन जारी करें, उनमें मामलों की सुनवाई के दिन उनकी उपस्थिति का समय दोपहर दो बजे रखा जाए ना कि सुबह 10 बजे। सीएमएम ने यह परिपत्र राजधानी की तीस हजारी, पटियाला हाउस, कड़कडड़ूमा, रोहिणी, द्वारका और साकेत जिला अदालत के अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारियों और मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट्स को भेजा है।
साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट और जिला न्यायाधीश (प्रथम) को भी सूचना के लिए इसकी एक प्रति भेजी गई है। उल्लेखनीय है कि आपराधिक या अन्य मामलों में डॉक्टरों द्वारा किए गए परीक्षणों या चिकित्सीय निष्कर्षो के चलते उन्हें गवाही के लिए अदालतों में बुलाया जाता है। सुबह 10 बजे डॉक्टरों को अदालतों द्वारा बुलाए जाने के चलते उनका काम प्रभावित होता है।