गाड़ी पार्किंग की सुविधा, खड़ी कर सकती है बड़ी दुविधा!

नई दिल्ली. पूर्वी दिल्ली में अब पार्किंग दर घंटों के हिसाब से नहीं बल्कि मिनटों पर चुकानी पड़ेगी। ईस्ट एमसीडी के कमिश्नर एसएस यादव ने वित्तीय वर्ष 2013-14 का बजट पेश कर पार्किंग दरों को मिनटों के अनुसार करने का प्रस्ताव किया है। यदि ये दरें लागू हुईं तो वाहन मालिकों को वर्तमान दरों के मुकाबले कई गुणा ज्यादा रकम चुकानी पड़ेगी।
आयुक्त द्वारा बजट में प्रस्तावित दरों के मुताबिक कार, जीप और एसयूवी के लिए पहले 30 मिनट के लिए 10, 30 मिनट से एक घंटे तक 20 और एक घंटे से तीन घंटे तक 50 एवं 3 घंटे के बाद प्रत्येक घंटे पर 20 रुपए देने होंगे। यह दरें वर्तमान में दस घंटे तक 10 और दस से अधिक के लिए 20 रुपए है।
इन वाहनों के लिए वर्तमान में मासिक शुल्क 500 रुपए है जबकि बजट प्रस्ताव में इसे तीन गुना बढ़ा कर 1500 रुपए कर दिया गया है।
वहीं स्कूटर व बाइक के लिए जहां लोगों को 7 और दस घंटे से ज्यादा के लिए 15 रुपए देने पड़ते थे। वहीं, अब उन्हें 30 मिनट के लिए 5, 30 मिनट से एक घंटे के लिए 10 और एक घंटे से तीन घंटे के लिए 25, तीन घंटे के बाद प्रत्येक घंटे 10 रुपए पार्किंग दर के रूप में चुकाने पड़ेंगे।
कमिश्नर के प्रस्तावित बजट में टेंपो, ऑटो/रिक्शा को उपरोक्त समय में दो गुणा अधिक पार्किंग चार्ज की है। इतना ही नहीं शाम 5 बजे से 9 बजे के व्यस्त घंटों में चार पहिया व उससे अधिक पहिया के वाहनों को पचास प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
पास नहीं होगा नए कर का प्रस्ताव :
नई दिल्ली. कमिश्नर एसएस यादव के प्रस्तावित बजट ने पक्ष व विपक्ष राजनैतिक दलों की नींद उठा दी है। कमिश्नर के पेश बजट में प्रस्तावित कर को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष एकजुट नजर आ रहा है।
जिसे बजट चर्चा के दौरान पलटने की तैयारी है। यानी नए कर के किसी भी प्रस्ताव को लागू नहीं होने दिया जाएगा। स्थायी समिति के अध्यक्ष चौ. महक सिंह का कहना है कि आगामी वर्ष में चुनाव है ऐसे में जनता पर नया कर लगना उचित नहीं है।
राजस्व जुटाने के लिए एमसीडी के पास कई संसाधन है, कर लगाना ही एकमात्र रास्ता नहीं है, लिहाजा प्रस्ताव को पास नहीं होने दिया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ कमिश्नर यादव का कहना है कि उन्होंने जनता को अधिक से अधिक सुविधा उपलब्ध करना तथा ईडीएमसी के विकास के लिए मामूली कर में वृद्घि का प्रस्ताव किया है।
कई तरह के करों का बोझ बढ़ाएगी ईडीएमसी :
अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए ईडीएमसी अब प्रोफेशनल्स टैक्स, कई तरह के सर्विस टैक्स, संपत्ति कर के साथ-साथ साथ शिक्षा कर भी वसूलेगा। पेश बजट में संपत्ति के मूल यूनिट एरिया वैल्यू को 160 फीसदी बढ़ाकर ए से लेकर एच श्रेणी की सभी संपत्तियों पर लागू करने का प्रस्ताव है।
स्ट दिल्ली में ए, बी और सी श्रेणी की संपत्तियां नहीं है, लिहाजा उन पर यह लागू नहीं होगा। डी से लेकर एच श्रेणी की सभी संपत्तियों (आवासीय, गैर-आवासीय, सरकारी एवं गैर सरकारी) पर लागू होगा। नए प्रस्ताव के अनुसार डी श्रेणी की संपत्तियों के मूल यूनिट एरिया वैल्यू 320 को बढ़ाकर 510 रुपए कर दिया गया है।






