डूसू चुनावों में एनएसयूआई जीती
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनावों में एनएसयूआई ने बाजी मारते हुए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव पद पर जीत हासिल कर ली है। वहीं ज्वाइंट सेकेट्री पर एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच टाई हो गया है। एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने चुनाव में धांधली होने का आरोप लगाया है और दोबारा वोटों की गिनती किए जाने की मांग करते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय में जमकर तोडफ़ोड़ कर दी। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कार्यालय में जमकर तोडफ़ोड़ की है। कार्यालय के शीशे पूरी तरह से तोड़ दिए गए हैं। वहीं, अन्य रखे सामान को भी तोड़ा दिया गया।
चुनाव कार्यालय के अलावा गुस्साए एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी की कैंटीन, दिल्ली यूनिवर्सिर्टी के छात्र संगठन कार्यालय में भी तोडफ़ोड़ कर उसे पूरा तहस-नहस कर दिया है। छात्र मार्ग पर पुलिस और गुस्साए कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हो गई है। पुलिस ने इन पर लाठीचार्ज कर दिया है। एहतियात के तौर पर दिल्ली यूनिवर्सिटी में धारा 144 लागू कर दी गई। उनका आरोप है कि पैसे लेकर एनएसयूआई को जिताया गया है। वोटों की दोबारा गिनती किये जाने की मांग की जा रही है। वहीँ, प्रशासन चुनावों में पारदर्शिता बरतने का दावा कर रहा है। लाठी चार्ज में कई छात्र मामूली घायल भी हो गए है। उन्हें नजदीकी अस्पताल में ले जाया गया है। पुलिस ने 10-12 कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया है। एबीवीपी की तरफ से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अंकित धनंजय चौधरी भी पुलिस लाठीचार्ज में घायल हो गए। अंकित को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
उधर, एबीवीपी कार्यकर्ता कैंपस में भूख हड़ताल पर बैठने की बात कर रहे हैं। एबीवीपी की तरफ से सचिव पद की प्रत्याशी ऋतु राणा चुनाव कार्यालय में डेरा डाले बैठी हुईं हैं। उनका कहना है कि पूरी चुनाव प्रक्रिया में बड़ी धांधली हुई है। सांसद दीपेंद्र हुडडा और एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष रोहित चौधरी डूसू चुनावों में मिली जीत के बाद 3 बजे कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी से मिलने जा रहे हैं। इसके बाद वे 10 जनपथ जाएंगे।
इस तरह डूसू के नए अध्यक्ष अरूण हुड्डा, उपाध्यक्ष पर वरुण खारी, सचिव पर वरुण चौधरी बन गए हैं। वहीं, ज्वाइंट सचिव पद पर एनएसयूआई की रवीना चौधरी और एबीवीपी के विशु बैसोया के बीच टाई हो गया हैं। चुनाव अधिकारी की तरफ से कहा गया है कि दोनों प्रत्याशी चाहे तो दोबारा से मतगणना करवा सकते हैं, या फिर वे छह-छह माह तक इस पद पर रह सकते हैं। इन दोनों प्रत्याशियों को 13164 मत मिले।
उधर, लाल दुर्ग का गढ़ कहे जाने वाले जवाहर लाल नेहरु यूनिवर्सिर्टी (जेएनयू) में भी मतगणना जारी है। यहां आल इंडिया स्टूडेंट यूनियन (आईसा) अभी तक आगे चल रही है। एनएसयूआई और एबीवीपी आईसा से पीछे चल रही हैं।








