उधर कर रही थीं प्रचार, इधर हो गया भयंकर कांड!

नई दिल्ली. सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में ऑक्सीजन की कमी से पांच लोगों की मौत के मामले में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अशोक कुमार वालिया के जवाब से असंतुष्ट प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने विधानसभा में शीतकालीन सत्र के पहले दिन वॉकआउट किया।
विशेष उल्लेख के मामले के तहत चर्चा करते हुए भाजपा नेता जगदीश मुखी ने कहा कि सरकार ने इस मामले में घोर लापरवाही बरती।
उन्होंने इस मामले की सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
मुखी ने कहा कि जिस दिन राजधानी के ट्रॉमा सेंटर में यह घटना हुई, मुख्यमंत्री शीला दीक्षित गुजरात में विधानसभा चुनाव के प्रचार के लिए गई हुई थीं और वहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि आपको सुशासन देखना है तो दिल्ली आइए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यही सुशासन है।
पार्टी के ही साहब सिंह चौहान ने कहा कि स्वास्थ्य मत्री को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए था। विपक्ष के नेता प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा ने कहा कि वे तो अब भी स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हैं।
इस चर्चा पर जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. वालिया ने कहा कि इस मामले की जांच कराई जा रही है और प्रथमदृष्टया दोषियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है।
इस संदर्भ में स्वास्थ्य मंत्री ने ट्रॉमा सेंटर के इतिहास व वहां कांट्रैक्ट पर चल रहे काम की कहानी सुनानी शुरू की तो विपक्ष काफी टोकाटाकी करने लगा। विपक्ष की तरफ से कहा जा रहा था कि डॉ. वालिया अपनी जिम्मेदारी से हट रहे हैं और काफी हल्ला होने लगा।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री विपक्ष के नेता से कह बैठे कि आप एमपी से एमएलए बन गए हैं अब क्या कॉरपोरेटर बनना चाहते हैं। इस बयान से खफा विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।






