फांसी की सजा से बरी हो गया पाकिस्तानी नागरिक

नई दिल्ली. दिल्ली बम विस्फोट मामले में जांच में खामियों के कारण कोर्ट ने पाकिस्तानी नागरिक को फांसी की सजा से बरी कर दिया।
एडिशनल सेशन जज पवन कुमार ने जुल्फिकार अली को बरी करते हुए दिल्ली पुलिस की खिंचाई की। उन्होंने निर्देश भी दिया कि पुलिस आयुक्त सुनिश्चित करें कि भविष्य में ऐसा न हो। मुहम्मद हुसैन उर्फ जुल्फिकार अली को 1997 के दिल्ली बम विस्फोट मामले में आठ साल पहले फांसी की सजा हुई थी। दिल्ली हाई कोर्ट ने भी सजा-ए-मौत की पुष्टि कर दी थी। लेकिन पिछले साल 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की फिर से सुनवाई के आदेश दिए थे।
इसके बाद निचली अदालत ने 68 पेज के फैसले में कहा कि पुलिस जांच में कई खामियां थीं। पुलिस ने बस के भीतर की तस्वीरें तक लेना ठीक नहीं समझा। साइट प्लान भी तैयार नहीं किया। घटनास्थल से जुटाए सबूतों को सीलबंद नहीं किया।
संदिग्ध का कोई स्कैच बनाने की कोशिश नहीं की। जज ने कहा, 'मैं समझता हूं अभियोजन पक्ष आरोपी को संदेहों से परे दोषी साबित करने में विफल रहा। इसलिए मैं मुहम्मद हुसैन को बरी करता हूं। अगर किसी और मामले में उसकी जरूरत न हो तो उसे रिहा कर दिया जाए। चूंकि वह पाकिस्तानी नागरिक है इसलिए उसे जितनी जल्दी हो पाकिस्तान भेज दिया जाए।'





