नई दिल्ली। अफजल गुरु संसद के पांच हमलावरों में शामिल नहीं था। लेकिन उसका गुनाह उनसे भी कहीं ज्यादा था। अफजल ने पांचों पाकिस्तानी आतंकियों को दिल्ली में ठहराने की व्यवस्था की थी। अन्य जरूरी इंतजाम भी उसी ने किए थे। संसद में घुसने से पहले तक आतंकी दस्ते का सरगना मुहमद मोबाइल फोन के जरिये अफजल के संपर्क में था।
- आतंकियों के लिए पुलिस की नकली वर्दी खरीदी
- हमले के लिए एक एंबेसडर कार की व्यवस्था की
- रेकी के लिए मोटर साइकिल, मोबाइल, सिम जुटाई
- संसद का जाली कार स्टीकर, पहचान पत्र बनवाया
दरअसल, अफजल ने 2001 में पाकिस्तानी आतंकी गाजी बाबा के कहने पर दिल्ली में एक सुरक्षित ठिकाना बनाया। अपने रिश्तेदार शौकत और एसएआर गिलानी को भी हमले की इस साजिश के लिए तैयार किया। अक्टूबर 2001 में पाकिस्तानी आतंकी मुहमद को कश्मीर से दिल्ली लाया। मुखर्जी नगर की क्रिश्चयन कॉलोनी में उसे मकान दिलाया।
फिर नंवबर में राजा, हैदर, राणा और हमजा को दिल्ली में ठहराया। संसद की रेकी करने के लिए यामहा मोटर साइकिल खरीदी। इसके अलावा पांच मोबाइल फोन, छह सिम कार्ड खरीदे। किंगस्वे कैंप से पुलिस की तीन वर्दी भी खरीदी। आईईडी बम बनाने के लिए जरूरी सामान खरीदे। संसद का जाली कार स्टीकर और परिचय पत्र तैयार किया। ग्यारह दिसंबर को करोलबाग में सफेद रंग की एंबेसडर कार खरीदी।