नई दिल्लीः शनिवार सुबह इस मामले के मुख्य आरोपी अफजल गुरु को सुबह तिहाड़ जेल में गुपचुप तरीके से फांसी दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने अफजल की फांसी की सजा सुनाई थी। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने करीब हफ्ते भर पहले ही अफजल की दया याचिका खारिज कर दी थी। केंद्रीय गृह सचिव आर के सिंह और गृह मंत्रालय ने भी अफजल को फांसी दिये जाने की पुष्टि कर दी है।
अफजल को फांसी पर चढ़ाए जाने के साथ ही आज एक बार फिर से वो खौफनाक पल देश के सामने आ गया है। तस्वीरों के माध्यम से हम उस समय की कहानी बता रहे हैं, जब आतंकी बेखौफ होकर संसद भवन के भीतर घुस आए थे। 13 दिसंबर 2001 को संसद भवन पर आतंकी हमला हुआ था। आतंकी सांसदों को बंधक बनाने की कोशिश करना चाहते थे।
उस दिन सुबह करीब 11:40 बजे हैंड ग्रेनेड और एके-47 बंदूक से लैस आतंकियों ने जब बाहर हमला किया उस वक्त भीतर संसद का सत्र चल रहा था। लेकिन सुरक्षा में शुरुआती चूक के बाद भी जवानों ने आतंकियों की एक न चलने दी। हमला करने वाले जैश-ए-मुहम्मद के पांच आतंकवादी जिस कार से संसद के परिसर में घुसे, उस पर लाल बती गृह मंत्रालय का स्टीकर लगा था।
संसद के सुरक्षा स्टाफ ने मुख्य इमारत को फौरन चारों तरफ से बंद कर दिया। सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों, बम निरोधक दस्ते और पुलिस ने मोर्चे संभाल लिए, ताकि एक भी आतंकी मनमानी न कर सके और भाग कर जाने भी न पाए।
करीब 14 मिनट तक चले इस मुकाबले के बाद हमला नाकाम कर दिया गया और पांच आतंकवादी मारे गए, जबकि नौ जाबांज जवान शहीद हो गए थे। इस हमले की साज़िश रचने वाले अफजल गुरु सहित चार आतंकवादियों को पकड़ा गया था।
उस वक्त दिल्ली पुलिस कमिश्नर रहे अजय राज शर्मा के मुताबिक संसद गेट पर मौजूद गार्ड ने थोड़ी सावधानी बरती होती हो यह हादसा रोका जा सकता था। एक टीवी चैनल से बातचीत में शर्मा ने कहा कि आतंकवादियों की कार पर गृह मंत्रालय का स्टीकर लगा था, लेकिन उस पर कुछ अपशब्द भी लिखे थे जिसे संसद भवन के गेट पर मौजूद गार्ड नहीं नोटिस कर सके। यदि उन्होंने इसे नोटिस किया होता तो कार को घुसने से रोक सकते थे। इस हमले में 18 लोग जख्मी भी हुए थे।
हमले से 40 मिनट पहले संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी। उस वक्त तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और सोनिया गांधी संसद भवन से बाहर निकल चुकी थीं लेकिन तत्कालीन गृह मंत्री लाल कृष्ण आडवाणी सहित अधिकतर नेता संसद में ही मौजूद थे। हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने सदन के सभी दरवाजे बंद कर दिए थे। सभी आतंकवादियों के हाथ में एके 47 रायफलें थे और इसके पीठ पर बैग था। एक आतंकवादी ने हमले के दौरान अपने शरीर पर रखे बम को विस्फोट कर उड़ा दिया था।
संसद पर हमले के मास्टरमाइंड को आखिरकार फंदे पर लटका दिया गया है। तस्वीरों में देखिए 2001 में हुए हमले की कुछ तस्वीरें, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था।
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