नई दिल्ली. पैरामेडिकल छात्रा के दोस्त द्वारा एक निजी चैनल पर दिए गए बयान को दिल्ली पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त विवेक गोगिया के अनुसार दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम की सभी वैन ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम के जरिए पुलिस कंट्रोल रूप से जुड़ी हैं। इस अत्याधुनिक प्रणाली की मदद से सभी पीसीआर वैन की स्थिति को इलेक्ट्रॉनिक तरीके से लॉग किया जाता है।
16 दिसंबर को पीसीआर ऑपरेटर ने 10:21:35 बजे घटना के बाबत 100 नंबर पर सूचना हासिल हुई। पहली पीसीआर वैन ई-47 महज छह मिनट के अंतराल में करीब 10:27:43 बजे मौके पर पहुंच गई।
वहीं दूसरी पीसीआर वैन जेड-54 आठ मिनट बाद 10:29:29 बजे मौके पर पहुंच गई। पीडि़ता और उसके दोस्त को लेकर पीसीआर वैन जेड-54 करीब 10:39:30 बजे मौके से सफदरजंग अस्पताल के लिए रवाना हो गई।
यह पीसीआर वैन पंद्रह मिनट के भीतर 10:55:50 बजे सफदरजंग अस्पताल पर पहुंच गई। जहां दोनों पीडि़तों को सफदरजंग अस्पताल के स्टाफ को सुपुर्द कर दिया गया।
संयुक्त पुलिस आयुक्त के अनुसार घटना की जानकारी मिलने से लेकर पीसीआर वैन के सफदरजंग अस्पताल पहुंचने तक का समय ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के तहत लाग किया गया था।
पुलिस ने छात्रा के दोस्त के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पीडि़ता को मौके से अस्पताल तक पहुंचाने तक पीसीआर वैन में तैनात पुलिस कर्मियों द्वारा किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की गई थी।
वहीं समीप के अस्पताल की जगह सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किए जाने के सवालों पर संयुक्त पुलिस आयुक्त का कहना था कि सफदरजंग अस्पताल मौके से सबसे करीब ऐसा अस्पताल है जहां पर हर प्रकार की चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध है और सभी मेडिकल लीगल मामलों को सफदरजंग अस्पताल में स्थानांतरित किया जाता है।