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पुरबियों से उभरे दिल्ली का नेतृत्व : जेटली

 
Source: bhaskar news   |   Last Updated 00:52(06/02/12)
 
 
 
 
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नई दिल्ली.  राजधानी में पूर्वाचलवासी केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि दिल्ली का अटूट हिस्सा हैं। इसलिए दिल्ली का नेतृत्व करने वाला शख्स पूर्वाचली लोगों में से उभर कर सामने आए। ये विचार रविवार को तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित पूर्वाचली सम्मेलन में राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता और भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यदि पूर्वाचल के लोग भाजपा के साथ हैं तो दिल्ली में जीत भी भाजपा की ही होगी। एमसीडी चुनाव के ऐन मौके पर भाजपा के प्रदेश पूर्वाचल प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में हजारों लोगों ने शिरकत की। सम्मेलन में अधिकांश नेताओं ने राजनीतिक क्षेत्र में पूर्वाचलवासियों को तरजीह देने की वकालत की। इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने सभा को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा गरीबों एवं पूर्वाचलवासियों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।



इस मौके पर अरुण जेटली ने कहा कि पूर्वाचली लोगों को महज वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का दौर खत्म हो गया है। उन्होंने आह्वान किया कि पूर्वाचली लोग निगम पार्षद, विधायक से लेकर संसद के गलियारे में भी जीत कर पहुंचे। साथ ही उन्होंने प्रदेश संगठन को नसीहत देते हुए कहा कि वास्तविकता को दिल्ली प्रदेश स्वीकार करे और अपना भरपूर योगदान दे। पूरबिया हर क्षेत्र में मेहनती और बगैर किसी लाग-लपेट के अपनी बात रखने में विश्वास करते हैं। साथ ही पूर्वाचलवासी राजनैतिक विश्लेषण के धनी भी होते हैं। उन्होंने कहा कि जहां रोजगार और आर्थिक समृद्धि होगी वहीं पर लोग काम की तलाश में जाते हैं, जो देश की एकता के लिए भी लाभदायक होता है।


 


इस दौरान उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनकी पार्टी बिहार की तर्ज पर यूपी को भी विकास की राह पर लाना चाहती थी, लेकिन कांग्रेस ने रोक दिया और समाज को बांटने का प्रयास कर रही है, जिसका भाजपा विरोध करेगी। नेतृत्व के अभाव में केंद्र सरकार शासन की कला भूल गई है। आज सरकार की गलत नीतियों की वजह से सेनाध्यक्ष व वैज्ञानिकों की समस्याएं गंभीर होती जा रही हैं। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विजय गोयल ने कहा कि राजधानी में पूर्वाचली लोगों को सबसे ज्यादा पुलिस परेशान करती है। इसके अलावा चिकित्सा सुविधा के लिए भी इन्हें भटकना पड़ता है।


 



इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मुख्यमंत्री से सवाल पूछा कि यदि 2010-11 में हरियाणा अथवा पंजाब से आने वाला व्यक्ति दिल्ली का निवासी हो सकता है तो पिछले 30-40 सालों से यहां रहने वाले पूर्वाचली लोग दिल्लीवासी क्यों नहीं हो सकते हैं? दिल्ली के 96 फीसदी लोग बाहरी राज्यों से आकर यहां बसे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने लोगों से अपील की कि चुनाव में आप अपनी ताकत दिखाएं और अपनी हिस्सेदारी के लिए भाजपा को मजबूत करें। सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय नेता एम.वेंकैया नायडू, प्रदेश के सह प्रभारी रामेश्वर चौरसिया, विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा सहित अनेक वरिष्ठ नेतागण मौजूद थे।



प्रदेश में अहम भूमिका : राजधानी में 50 लाख से ज्यादा पूर्वाचली लोग रहते हैं। भाजपा की महिला नेता पूनम आजाद ने कहा कि राजधानी की 70 विधानसभा क्षेत्रों में से 33 सीटों पर पूर्वाचली प्रत्याशी अपने दम पर जीत सकता है।



इसके अलावा 17 सीटों को प्रभावित करने में सक्षम हैं तथा 20 सीटों पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं।

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
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