रेल मंत्री का पीए बताकर ठगी करने में महिला गिरफ्तार
Source: Dainik Bhaskar News | Last Updated 02:39(09/02/12)
नई दिल्ली. रेल मंत्री का पीए बताकर लोगों से ठगी करने वाली एक महिला को मध्य जिला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्त में आई सीमा मल्होत्रा (40) ने भारतीय रेलवे में खाने-पीने के अलावा टॉयलेट किट का टेंडर दिलाने के नाम पर एक महिला से लाखों की ठगी कर चुकी है। सीमा पहले नर्सरी स्कूल में एडमिशन कराने के नाम पर लोगों से ठगी करती थी। पुलिस सीमा की फरार साथी की तलाश कर रही है।
मध्य जिले के अतिरिक्त आयुक्त पुलिस देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि अजमल खां रोड निवासी पीड़ित अभयजीत सिंह ने पहाड़गंज थाने में ठगी का मुकदमा दर्ज कराया था। वह बेकरी शॉप चलाता है और उसकी मां की कपड़े की दुकान है। शिकायत में अभयजीत ने बताया था कि वर्ष 2010 के अगस्त माह में उनकी मां की दुकान में एक महिला कपड़े खरीदने आई थी।
महिला ने खुद को तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी का पीए बताया। मां से महिला की अच्छी दोस्ती हो गई और वह बार-बार उनकी दुकान से कपड़े खरीदने के लिए आने लगी। एक दिन महिला मां से रेल मंत्री के लिए खाना ले गई। अगले दिन उसने बताया कि मैडम को उनका खाना पसंद आया है।
इतना ही नहीं उसने फोन पर एक महिला से बात भी कराई, जिसने खुद को रेल मंत्री बताया। अभयजीत के मुताबिक सीमा ने उनकी मां को भारतीय रेल के एक प्रोजेक्टर ‘द राजस्थान रॉयल्स एक्सप्रेस’ के बारे में बताया और उन्हें खाने का टेंडर दिलाने का लालच दिया।
उनकी मां को विश्वास में लेने के बाद सीमा ने उसने 5.50 लाख रुपए का पे-ऑर्डर आरबी (मधु सिंह) के नाम से ले लिया और बताया कि आरबी का मतलब है रेलवे बोर्ड और मधु सिंह वहां की वरिष्ठ अधिकारी हैं। कुछ समय बाद इसी तरह से सीमा ने उसने टॉयलट किट के टेंडर के आवेदन के नाम पर 2.75 लाख रुपए ले लिए। बाद में अभयजीत को सीमा पर कुछ शक हुआ। उसने अपनी तसल्ली के लिए जब सीमा को दिए गए पे-आर्डर की जांच की तो पता चला कि सारी रकम एक निजी खाते में जा रही है।
उसने बिना देरी किए पहाड़गंज थाना पुलिस को मामले से अवगत कराया। पुलिस जांच में पता चला कि रेल मंत्री के दफ्तर में सीमा मल्होत्रा नाम की कोई महिला काम नहीं करती। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर वसंतकुंज से सीमा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसने चेन्नई से ग्रेजुएशन की है।
वह पहले बैग व स्कूल ड्रेस सप्लाई करती थी, लेकिन जल्द अमीर होने के लालच में वह ठगी के धंधे में उतर गई। शुरुआत में उसने दिल्ली के नामी स्कूलों में एडमिशन दिलाने के नाम पर बच्चों के अभिभावक को ठगने लगी। ऐसे ही एक मामले में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा उसे गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन जेल से आने के बाद वह दोबारा इसी धंधे में लिप्त हो गई। जेल में उसकी मुलाकात आरबी मधु सिंह उर्फ दिव्या ठाकुर नामक महिला से हुई। जेल से बाहर आकर दोनों ने रेलवे का टेंडर दिलाने के नाम पर नासमझ लोगों को ठगना शुरू कर दिया।