नई दिल्ली। भारतीय बाजार में आने के लिए वालमार्ट द्वारा लॉबिंग किए जाने के मुद़दे पर सोमवार को राज्यसभा में भारी हंगामा किया। विपक्ष के भारी हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही आज शून्यकाल में एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। संसद के दोनों सदनों में एफडीआई के मुद्दे पर सरकार की जीत के बाद लगा था कि अब यह मसला यही शांत हो जाएगा, लेकिन वालमार्ट द्वारा अमेरिकी सीनेट की एक समिति में लॉबिंग किए जाने संबंधी दिए गए बयान के बाद यह मुद्दा दोबारा गरमा गया।
भाजपा, वामदल, अन्नाद्रमुक, जदयू, अगप, शिवसेना और सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा के सदस्यों ने इस मुद्दे पर प्रधानमंञी से सफाई देने और एफडीआई संबंधी निर्णय पर रोक लगाने की मांग की है। (लॉबिंग पर हंगामा! वॉलमार्ट ने किसे दिए 125 करोड़? )
भाजपा की तरफ से वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज कई समाचार पञों में खबर आई है कि बहुब्रांड खुदरा क्षेञ में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए लॉबिंग के मकसद से 125 करोड रुपए खर्च किए गए हैं। (ग्राउंड रिपोर्ट: 8 रुपये के बेबी कॉर्न 100 में बेचे भारती-वालमार्ट ने)
उधर, र्बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक 2011 को संसद की स्थायी समिति के पास फिर से भेजे जाने की विपक्ष की मांग को लेकर लोकसभा में भारी हंगामा हुआ। कार्यवाही सवा चार बजे आधे घंटे के लिए स्थगित कर दी गई।