आरटीआई ने खोली पोल: आमदनी रुपैया, खर्चा अठन्नी!

मुंबई. मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के बावजूद सरकारी बंगला देवगिरि न छोडऩेवाले उपमुख्यमंत्री अजित पवार से महज 5 रुपए प्रति वर्ग फुट के हिसाब से किराया वसूल किया जाएगा। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में इस बात का खुलासा हुआ है।
सामान्य प्रशासन विभाग से यह जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने हासिल की है। गलगली ने इतने कम किराए को लेकर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि महानगर में 5 रुपए प्रति वर्गफुट की दर से किराए पर झोपड़ी भी नहीं मिलती।
ऐसे में मलबार हिल जैसे पाश इलाके में ऊंचे दर्जे की सुविधा वाले बंगले का इतना कम किराया वसूलना कहां तक उचित है? गलगली ने सामान्य प्रशासन विभाग से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने सरकारी किराए की संरचना में संशोधन की मांग की है।
क्या है नियम:
नियमानुसार मंत्री पद से हटने के 15 दिनों के अंदर सरकारी आवास खाली करना होता है। इन पंद्रह दिनों में फर्नीचर, टेलीफोन, गैस, बिजली और पानी आदि की सेवा मुफ्त होती है। उसके बाद अगले तीन महीने तक 5 रुपए प्रति वर्गफुट की दर से किराया वसूला जाता है।
तीन महीने बाद अनुमति मिलने पर 15 रुपए प्रति वर्गफुट की दर से किराया लिया जाता है। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव वीटी प्रभु के हस्ताक्षर वाले पत्र में कहा गया है कि अजित से 15 अक्टूबर 2012 से 14 जनवरी 2013 तक (तीन महीने) किराया 5 रुपए प्रति वर्गफुट की दर से वसूलने का निर्णय किया गया है।







