सामूहिक दुष्कर्म की चौतरफा निंदा के बीच मुख्यमंत्री ने उठाया सख्त कदम

नई दिल्ली. चलती बस में लड़की के साथ बर्बरतापूर्वक सामूहिक दुष्कर्म मामले की चौतरफा निंदा के बीच मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से राजधानी में तुरंत पांच फास्ट ट्रैक कोर्ट चालू करने की अपील की है।
मुख्यमंत्री ने चीफ जस्टिस डी. मुरुगेशन को लिखे पत्र में आग्रह किया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट शुरू करने के लिए तुरंत कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि मामलों से निपटने के लिए नगर की अदालत ने पांच फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन को मंजूरी दी हुई है।
इनमें महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों की सुनवाई होगी और इसमें तुरंत न्याय मिलेगा व दोषियों को सजा होगी। दीक्षित ने कहा कि अक्टूबर में प्रस्ताव को मंजूरी देने के बावजूद अभी तक अदालतें शुरू नहीं हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने चीफ जस्टिस को सुझाव दिया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध में शामिल लोगों को जमानत नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा, 'यह कड़े प्रतिरोधक का काम करेगा।'
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ ऐसे अपराधों की बढ़ती संख्या को देखते हुए और दोषियों को तुरंत सजा देने के लिए सुझावों पर गंभीरता से तुरंत विचार होना चाहिए।उन्होंने कहा कि पुलिस पर दिल्ली सरकार का नियंत्रण नहीं है।
वह एक बार फिर केंद्र सरकार से मांग करेंगी कि दिल्ली पुलिस को उनके अधीन किया जाए। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री से इस संबंध में मिलने के लिए समय मांगा है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बरखा सिंह भी इस मौके पर उनके साथ होंगी।
बरखा सिंह ने कहा है कि राजधानी की सभी निजी व सरकारी बसों में गार्ड की तैनाती करने व सीसीटीवी कैमरा लगाने की मांग की है।उन्होंने राजधानी में सभी बसों से काले रंग के शीशे व परदे जल्द हटवाने की भी मांग की है।







