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बड़े औद्योगिक घराने की बहू की संदिग्ध हालत में मौत, पुलिस को परिजनों पर शक
Bhaskar News
| Oct 30, 2012, 00:03AM IST

नई दिल्ली/इंदौर। इंदौर की उद्यमी आकांक्षा राठी की मौत का राज सात दिन बाद भी अनसुलझा ही है। आंकाक्षा के परिवारवालों का आरोप है कि राठी परिवार ने कभी भी उनकी बेटी को अपनी बहू नहीं माना। जब से आकांक्षा ने अनिरुद्ध राठी से शादी की थी, तब से ही ससुरालवाले उसे तंग करने थे। सिर्फ अनिरुद्ध के दादा ही आकांक्षा को स्वीकार कर पाए थे। लेकिन उनकी मौत के बाद से लगातार अनिरुद्व और आकांक्षा को परेशान किया जाने लगा।
दूसरी ओर, इंदौर पुलिस दिल्ली पहुंच गई है। यहां वह आकांक्षा के घर पर उसकी मौत से जुड़े अहम सबूत जुटा रही है। वहीं, इंदौर में आकांक्षा के के ससुराल वालों ने जिला अदालत में दहेज प्रताडऩा के मामले में दोबारा अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है। उनके आवेदन पर सुनवाई के दौरान पुलिस की आपत्ति के चलते अब अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी। इसके पहले उन्हें अपनी पहली याचिका पर 30 अक्टूबर तक अग्रिम जमानत मिली थी। आकांक्षा की पिछले दिनों अपने मायके दिल्ली में संदिग्ध मौत हो गई थी। उनका ससुराल इंदौर में है। गत माह ही आकांक्षा के पति की मौत हो गई थी। उसके बाद आकांक्षा ने 16 अक्टूबर को इंदौर के महिला थाने में ससुराल वालों के खिलाफ दहेज यातना की शिकायत की थी। इसी बीच उनकी मौत हो गई।
इंदौर के औद्योगिक घराने (राठी स्टील) की बहू आकांक्षा राठी (32) की 23 अक्टूबर को द्वारका स्थित मायके में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मायके वालों का कहना था कि उनकी बेटी ने कपड़े से खुद ही अपना गला घोंट लिया। परिजनों के बयान को पुलिस संदेह था। आकांक्षा के गले में कपड़ा लिपटा हुआ था। अस्पताल से पुलिस को मामले की जानकारी मिली थी। आकांक्षा राठी स्टील की डायरेक्टर भी थीं। चार सितंबर को पति अनिरुद्ध राठी की मृत्यु हो जाने के बाद से ही आकांक्षा मायके (द्वारका सेक्टर-तीन, संसद विहार अपार्टमेंट) में परिजनों के साथ रह रही थी।
पुलिस के मुताबिक आकांक्षा के परिजनों का कहना है कि पति की मौत के बाद से वह काफी दुखी थी। 22 अक्टूबर की रात को जब वह काफी समय तक कमरे से बाहर नहीं आई तो वे उसके कमरे में गए। वहां उन्होंने देखा कि उसने कपड़े से खुद का गला घोंट लिया था। बेहोशी की हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पति की मौत से करीब सप्ताह भर पहले आकांक्षा ने इंदौर पुलिस में ससुराल वालों के खिलाफ दहेज प्रताडऩा की शिकायत दर्ज कराई थी।
ससुराल पक्ष के बर्ताव से परेशान थी
राजधानी के चिन्मय मिशन में सोमवार को आकांक्षा को श्रद्धांजलि देने के लिए एक शोकसभा का आयोजन किया गया जिसमें उसके परिजन व करीबी मित्र शामिल हुए। यहां भास्कर संवाददाता को आकांक्षा के मित्रों ने बताया कि वह अपने पति की मौत व ससुराली जनों के बर्ताव और बहू के रूप में स्वीकार न किए जाने से बेहद दुखी थी। इसी वजह से कुछ दिनों पहले दिल्ली में अपने माता-पिता के घर आ गई थी, लेकिन यहां भी वह उस सदमे से उबर नहीं पाई।






