खान-पान और रहन सहन का ख़ास इंतजाम, ताकि किसी जानवर को न लगे ठंड!

नई दिल्ली. चिडिय़ाघर में इन दिनों जानवरों की खास देखभाल की जा रही है। दरअसल दिल्ली की बढ़ती सर्दी को देखते हुए चिडिय़ाघर प्रशासन इन्हें ठंड से राहत देने के लिए इनके खान पान और रहन सहन पर विशेष ध्यान दे रहा है।
चिडिय़ाघर प्रशासन ने बताया कि चिंपाजियों को इस साल कंबल दिए गए हैं, जिसे वह बड़े ही शौक से न सिर्फ ओढ़ रहे हैं बल्कि इन दिनों उनके लिए यह कंबल छिपा छिपी खेलने का एक खेल भी बना हुआ है।
प्रशासन का कहना है कि चूंकि चिंपाजी में इंसानों की तरह दिमाग होता है इसलिए वह इन कंबलों का ठंड से बचने के लिए बखूबी प्रयोग कर रहे हैं। मौसम के अनुसार अन्य जानवरों और पक्षियों के भोजन में भी बदलाव किए गए हैं।
शेर के पिंजरे में हीटर : ठंड से बचाने के लिए शेर, चीता, बाघ के कमरों में जहां हीटर की व्यवस्था की गई है वहीं सांपों के पिंजरे के फर्श पर लकड़ी का प्लेटफॉर्म बनाया गया है। इसके अलावा पक्षियों के पिंजरे पर जूट के कपड़े लगाए गए हैं। इनमें एक्जोटिक पक्षियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जू के समय में किया गया बदलाव : ठंड को देखते हुए चिडिय़ाघर में प्रवेश का समय सुबह 9 बजे से बढ़ाकर 9.30 कर दिया गया है जब कि बंद होने का वक्त 4.30 बजे से घटाकर 4 बजे कर दिया गया है।





