रामदेव के आगे टीम अन्ना नतमस्तक

नई दिल्ली। पिछले सात दिनों से अनशन पर बैठे टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल और गोपाल राय की तबीयत बिगड़ गई है। डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती होने का सुझाव दिया है। लेकिन अरविंद और गोपाल राय ने अनशन तोड़़ने से मना कर दिया है।
वहीं केंद्र सरकार टीम अन्ना से बात करने के मूड में नहीं दिख रही है। मंगलवार को अनशन का सातवां दिन है लेकिन अभी तक सरकार की ओर से बातचीत की कोई पहल नहीं की गई है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि लोकपाल पर सलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट आने से पहले कोई कदम नहीं उठाया जाएगा। वहीं सरकार द्वारा बातचीत की प्रक्रिया न शुरु करने पर अन्ना हजारे ने भी तीखे तेवर अख्तियार कर लिए हैं। मंगलवार को अन्ना ने कहा, 'मीडिया में कहा जा रहा है कि सरकार टीम अन्ना से बात नहीं कर रही है लेकिन ऐसे भ्रष्ट मंत्रियों से तो हम भी बात नहीं करना चाहते। जो सरकार लगातार धोखा दे रही है उससे हमें कोई उम्मीद नहीं है।'
दूसरी ओर, अन्ना हजारे ने मीडिया के लोगों के साथ समर्थकों द्वारा हुई बदसलूकी के लिए माफी मांगी और कहा कि मीडिया और कार्यकर्ताओं को मिलकर लोकतंत्र की मजबूती के लिए काम करना होगा। अन्ना ने कहा, यदि ऐसी घटना दोबारा हुई तो वह आंदोलन समाप्त कर देंगे।
अन्ना हजारे ने समर्थकों को चेताते हुए कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह अहिंसक है। इसमें हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है।
अरविंद केजरीवाल ने माफी मांगते हुए कहा कि अब यह न्यूज चैनलों के मालिकों को सोचना चाहिए कि वह किसके साथ हैं। हम मीडिया के साथ हुई बदसलूकी के लिए माफी मांगते हैं?
टीम के सदस्य शांति भूषण ने सोमवार रात कहा था कि मीडिया के जो लोग यहां है, वह तो सब सच्चाई जानते हैं। इनका कोई कसूर नहीं है। मालिकों के हाथ में सबकुछ है। वह जानबूझ कर सच्चाई नहीं दिखा रहे हैं।
भूषण के बयान और बदसलूकी पर संपादकों की संस्था ब्रॉडकॉस्ट एडिटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कड़ी आपत्ति जताते हुए टीम अन्ना से माफी मांगने को कहा था।
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