नई दिल्ली. इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर होने वाली चोरी की वारदात में अभी तक ग्राउंड हैंडलर्स पर ही संदेह किया जाता था, लेकिन अब विमान यात्रियों ने भी चोरी की वारदात को अंजाम देना शुरू कर दिया है। मंगलवार देर रात आईजीआई एयरपोर्ट पर एक ऐसा ही मामला प्रकाश में आया।
दरअसल, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंची एक महिला विमान यात्री अपने ही सहयात्री का बैग चुराकर अपने घर चली गई। बैग में लाखों की नगदी सहित अन्य कीमती सामान था।
सहयात्री की शिकायत के बाद इस महिला की पहचान सीसीटीवी की मदद से की गई। इसके बाद आरोपी महिला को वापस एयरपोर्ट बुलाकर पूरा सामान बरामद करवा लिया गया।
सीआईएसएफ के अधिकारी के अनुसार कर्मदीप सिंह अपनी पत्नी एवं नवजात बच्चे के साथ सिंगापुर एयरलाइंस की फ्लाइट एसक्यू-408 से टर्मिनल थ्री पहुंचे थे। कर्मदीप सिंह अपने नवजात बच्चे एवं एक बैग टर्मिनल स्थित बेबी केयर लॉज में छोड़कर अपना बैगेज लेने के लिए पत्नी के साथ कन्वेयर बेल्ट के पास चले गए।
इसके बाद जब वह बेबी केयर लॉज वापस पहुंचे उनका बैग गायब मिला। कर्मदीप सिंह द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार उनके बैग में सोनी हैंडीकैम, मोबाइल, 3 लाख 17 हजार 900 रुपए, हार्ड डिस्क, दो क्रेडिट कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य सामान था। कर्मदीप ने इस बाबत डायल हेल्प डेस्क को भी सूचना दी।
इस पर डायल हेल्प डेस्क ने इस बाबत आईजीआई एयरपोर्ट की अंदरूनी सुरक्षा संभाल रही सीआईएसएफ की खुफिया विभाग को जानकारी दी। सीआईएसएफ की खुफिया टीम ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो कर्मदीप सिंह को उक्त बैग के साथ भीतर जाते देखा गया, लेकिन उनके बेबी केयर लॉज से निकलते ही एक महिला को अंदर जाते देखा गया।
उसकी हरकतों को देखकर सीआईएसएफ का शक गहरा गया। एयरपोर्ट पर तैनात विभिन्न एजेंसियों के दस्तावेज खंगालने के बाद इस महिला की पहचान जसविंदर कौर के रूप में की गई। यह महिला भी सिंगापुर एयरलाइंस की फ्लाइट एसक्यू-408 से आईजीआई एयरपोर्ट पहुंची थी।
सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि यह महिला अपने पति एवं बच्ची के साथ रात्रि करीब 11 बजे एयरपोर्ट से जा चुकी है। सीआईएसएफ ने दस्तावेजों में दर्ज फोन नम्बर आधार पर फोन के जरिए जसविंदर कौर के पति से संपर्क कर बैग की बाबत पूछा गया।
जसविंदर कौर के पति ने एयरपोर्ट से बैग लाने की बात स्वीकार ली तो उन्हें पत्नी समेत एयरपोर्ट बुलाया गया। एयरपोर्ट पहुंचकर जसविंदर कौर ने उक्त बैग कर्मदीप सिंह को सौंप दिया। वहीं, कर्मदीप सिंह द्वारा लिखित शिकायत न दिए जाने के चलते इस महिला के खिलाफ मामला दर्ज नहीं हो सका है।