नई दिल्ली. बाराबंकी से दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आया आईएम का नौवां संदिग्ध आतंकी तलाहा अब्दाली उर्फ इसरार मास्टर जी के नाम से जाना जाता था। इसके अलावा, उसे बशीर हसन भी कहा जाता था और वह भी तारीक की तरह ही सिमी का सदस्य रह चुका है।
इतना ही नहीं, वह हरकत उल अन्सार (अब हरकत उल मुजाहिदीन) का भी सक्रिय सदस्य रह चुका है और जम्मू-कश्मीर में सेना के खिलाफ आतंकी ऑपरेशन में बड़ी भूमिका निभाई है । वह सिमी के प्रमुख सदस्य सफदर नागौरी का भी काफी करीबी था। अब पुलिस को मास्टर जी से काफी अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
पुलिस का दावा है कि तारीक की तरह मास्टर जी भी आईएम के संस्थापकों में शामिल रहा है। वह 1991 में सिमी से जुड़ा था तथा भाषण देने व लोगों पर प्रभाव जमाने में काफी माहिर है। सिमी में जुड़े रहने के दौरान ही उसकी मुलाकात तारीक, शाहरुख उर्फ यासीन, रियाज व इकबाल भटकल से हुई थी।
वर्ष 2000 में मास्टर जी हरकत उल अन्सार से जुड़ा और पाकिस्तान जाकर आतंकी गतिविधियों से जुड़ी ट्रेनिंग भी हासिल की। इसके बाद वह जम्मू-कश्मीर पहुंचा और वहां पर भारतीय सेना के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका अदा की।
जब कभी उसे मौका मिलता वह भटकल (कर्नाटक) जाता और शाहरुख, रियाज, इकबाल के अलावा तारीक से भी मिलता। सिमी पर प्रतिबंध लगने के बाद उक्त सभी ने अन्य कुछ लोगों के साथ मिलकर इंडियन मुजाहिदीन के नाम से नया संगठन खड़ा किया। उसकी खूबी को देखते हुए संगठन में नई भर्तियां करने का जिम्मा उसे ही सौपा गया।
पुलिस का कहना है कि मास्टर जी नाम के पीछे का राज यह है कि वह अपनी बातों और धार्मिक भाषणों से किसी पर भी आसानी से प्रभाव जमा लेता है। वह युवाओं को अपने जाल में फंसाने के लिए धार्मिक भाषणों की आड़ लेता और फिर जेहाद के नाम पर उन्हें आतंकी गतिविधियों में लिप्त कर देता।
उसने अपना बेस बाराबंकी में ही बनाया हुआ था, लेकिन संगठन में नई भर्तियों के लिए वह समय-समय पर बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक आदि राज्यों में जाता रहता था। वह संगठन में भर्ती होने वाले युवाओं को बरगलाने के लिए कहता था कि भारत सरकार के विरुद्ध जंग लड़नी है, क्योंकि इस देश में हमारी कौम पर जुल्म ढाए जाते हैं।
वर्ष 2007 से शुरू आईएम के हमलों की है जानकारी
आईएम ने वर्ष 2007 से देश के विभिन्न हिस्सों में जितने भी आतंकी हमले किए गए हैं, उनकी जानकारी मास्टर जी को शुरुआत से ही रही है। इसके अलावा, पाकिस्तान में ट्रेनिंग के दौरान वह हरकत उल अन्सार के प्रमुख सआदतउल्लाह से भी मिला था।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वह मौलाना मसूद अजहर के संपर्क में भी आया था या नहीं, जो 1999 में आईसी 814 प्लेन हाई जैक का सूत्रधार रहा है। पुलिस ने यह भी बताया कि मास्टर जी ने उन्नाव में मदरसा भी खोल रखा था, जिसकी आड़ में वह युवाओं के बीच आतंक का बीज बो रहा था। उसने कुछ वर्ष पहले ही शादी की है और उसके दो बच्चे हैं।