यहां सिर्फ लड़कियों को ही मिलेगी उच्च शिक्षा
Source: शैलेन्द्र सिंह | Last Updated 02:35(09/02/12)
नई दिल्ली. महिला सशक्तिकरण की दौड़ में लड़कियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मुहैया कराने के उद्देश्य से अब देशभर में 20 महिला विश्वविद्यालय की शुरुआत की जाएगी। इसके साथ ही, लड़कियों को स्कॉलरशिप भी मुहैया कराई जाएगी, ताकि आर्थिक तंगी उनकी प्रगति की रहा में बाधा न बने।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से तैयार पंचवर्षीय योजना के तहत अब विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में छात्राओं के दाखिलों की संख्या को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसी क्रम में अगले पांच सालों में देशभर में 20 महिला विश्वविद्यालय शुरू किए जाएंगे, जहां सिर्फ लड़कियों को ही उच्च शिक्षा प्रदान की जाएगी।
यूजीसी के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान समय में मौजूद कॉलेज व विश्वविद्यालयों में ग्रॉस एनरॉलमेंट रेशियों 14 मिलियन है जो अगले पांच सालों में 22 मिलियन तक ले जाना है। आयोग के अनुसार महिला विश्वविद्यालय न सिर्फ शहरी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली छात्राओं को भी उच्च शिक्षा के बेहतर विकल्प मुहैया कराने के उद्देश्य से स्थापित किए जाएंगे। यूजीसी के मुताबिक 12वीं याेजना के तहत इन विश्वविद्या¶याें की स्थापना काे लेकर राज्य सरकाराें से भरपूर सहयोग मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, केवल छात्राआें के लिए विश्वविद्या¶य खाेले जाने को ¶ेकर कुछ असहमति हाे सकती है, लेकिन सामाजिक कारणाें काे ध्यान में रखते हुए एेसे महिला विश्वविद्यालय खाेले जाने की याेजना बनाई गई है। आज भी कई इलाकाें में अभिभावक लड़कियाें काे लड़काें के साथ पढ़ाने के लिए तैयार नहीं हैं। इसका नतीजा है कि लड़कियां स्कूल तक ताे जाती हैं, लेकिन उच्च शिक्षा हासिल नहीं कर पाती हैं।
इन विश्वविद्यालयाें में महिला छात्रावास भी हाेंगे, ताकि दूर-दराज से आने वाली छात्राएं वहां रहकर अध्ययन कर सकें। इन विश्वविद्यालयाें के माध्यम से महिला कॉ¶ेज भी खुल सकेंगे, जिससे ग्रॉस एनरॉलमेंट रेशियो (जीईआर) काे बढ़ाया जाएगा।
महिला उच्च शिक्षावृत्ति भी होगी शुरू
देशभर के विश्वविद्यालयाें में छात्राआें की संख्या छात्राें से पांच फीसद तक कम है। यूजीसी देश के तमाम विश्वविद्यालयाें में छात्राआें की संख्या बढ़ाने के लिए नई महिला उच्च शिक्षावृत्ति याेजना भी शुरू करने जा रही है। यह छात्रवृत्ति ग्रामीण और शहरी दाेनों क्षेत्राें की छात्राआें के लिए उप¶ब्ध हाेगी। यह छात्रवृत्ति परीक्षा में ज्यादा अंक या ग्रेड लाने व कम पारिवारिक आमदनी वाली छात्राओं को उपलब्ध कराई जाएगी।