दुष्कर्मियों को फांसी देने की आवाज बुलंद :
छात्रा की मौत के बाद सरकार के रवैए से दुखी जंतर-मंतर पर उमड़े युवाओं की आंखों में शनिवार को आंसू और उबाल एकसाथ नजर आया।
'छात्रा अपना सपना पूरा करने से पहले ही दिल्ली की लचर कानून व्यवस्था की भेंट चढ़ गई। इसकी भरपाई तो नहीं की जा सकती, लेकिन दुष्कर्मियों को जेल में प्रोटेक्शन देने के बजाय उसे सार्वजनिक रूप से जनता के बीच अरब की तरह जनता के बीच फांसी देनी चाहिए। आज जिस तरह की हालात है सड़क पर चल रहा हर तीसरा आदमी रेपिस्ट लगता है। सरकार राजनीति छोड़ तुरंत दुष्कर्मियों के प्रति कुछ ऐसा ठोस निर्णय ले जो मिसाल बने और लोगों में खौफ पैदा हो। तभी ऐसी वारदातों पर अंकुश लग सकता है।' - प्रिया गुप्ता, मॉडल व अभिनेत्री
'दिल्ली में शीला, प्रियंका और सोनिया ही सुरक्षित हैं क्योंकि जेड प्लस सुरक्षा में रहती हैं। उन्हें न तो कोई मनचला सीटी मार सकता है ना ही घूर सकता है। ऐसे में ये देश की करोड़ों बेटियों, बहनों के दुख के बारे में क्यों सोचेंगी। सोनिया ने गांधी जी के तीन बंदर बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो, बुरा मत कहो के तर्ज पर नया नारा दिया है मत सुनो, मत देखो, मत कहो।'- वंदना, नर्स, पहाड़गंज
'जैसे ही रात को छात्रा की मौत की खबर मिली पूरा परिवार दुख में डूब गया। मेरे पति बीमार हैं लेकिन आज मेरे घर में खाना नहीं बना। दुष्कर्मियों को फांसी मिलनी चाहिए।'- नीलम आनंद, गृहिणी, द्वारका
'अगर छात्रा को सिंगापुर भेजा जा सकता है तो दुष्कर्मियों को भी सऊदी अरब भेज देना चाहिए। कम से कम वहां तो उन्हें दुष्कर्म की कड़ी सजा मिलती।'- गीतिका आनंद, कामकाजी, द्वारका
'भारत विश्व में रेप करने में गोल्ड मेडल विजेता है। यहां हर 22 मिनट में एक औरत से दुष्कर्म होता है। इस मामले में हम सबसे आगे हैं।'- कर्नल केके पासी
'दुष्कर्मियों को जनता के बीच सार्वजनिक रूप से फांसी दी जाए ताकि लोगों में खौफ पैदा हो।'- सुधा चौधरी, आर्किटेक्ट, जनकपुरी
'इस मामले में कांग्रेस सरकार वोट के नाम पर राजनीति कर रही है। अब अगर शीला इस बार वोट मांगने आईं तो वोट के बदले कटोरा पकड़ा देंगे।'- सीमा, निरंकारी कॉलोनी
'सरकार का रवैया देखकर यह तय है कि आम लोगों की सुनवाई नहीं है। लोगों की आजादी मंत्रियों के हाथों में गिरवी रखी है इसलिए शीला, सोनिया और प्रियंका को छोड़कर कोई भी महिला देश में सुरक्षित नहीं है।'- टिक्की, हाउस वाइफ