आज फिर दिल्ली हो सकती है जाम, टीम अन्ना को पुलिस ने कहा 'NO'

नई दिल्ली। पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार टीम अन्ना जैसे ही महत्वपूर्ण नेताओं का घेराव करने सड़क पर उतरी वैसे ही ही उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया. जहां अरविन्द केजरीवाल को पी एम आवास के बाहर गिरफ्ताए किया गया वहीं, 10 जनपथ की ओर बढ़ रहे कुमार विश्वास और मनीष सिसौदिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.
टीम अन्ना के सदस्य सुबह करीब छः बजे ही बड़े नेताओं के घर की ओर बढ़ रहे थे कि तभी इन्हें हिरासत में ले लिए गया. संजय सिंह को गडकरी के घर तरफ बढ़ते हुए गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के तुरंत बाद अरविन्द केजरीवाल ने मीडिया को बताया कि 10 बजे से जंतर-मंतर पर आन्दोलन होगा, इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को वहां पहुंचना चाहिए. प्रशांत भूषण और योगेन्द्र यादव वहां लोगों को संबोधित करेंगे. हालांकि पुलिस ने इन सभी को किस धारा के तहत गिरफ्तार किया है यह स्पष्ट नहीं है.
दिल्ली के इस पूरे इलाके में पुलिस ने धारा 144 लागू कर रखी है लेकिन, इसके तहत चार या इससे अधिक लोगों को समूह में रहने पर गिरफ्तार किया जाता है लेकिन टीम अन्ना के ये सभी सस्य या तो अकेले थे या दो लोग. ऐसे में उन्हें किस धारा के तहत गिरफ्तार ये पुलिस ने उन्हें नहीं बताया है.
इससे पहले, अन्ना हजारे के सहयोगियों ने रविवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी और भाजपा प्रमुख नितिन गडकरी के घरों का घेराव करने की योजना बनाई है। लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें ऐसा करने की इजाजत नहीं दी है।
घेराव के मद्देनजर रविवार को छह मेट्रो स्टेशन सुबह आठ से शाम छह तक बंद रहेंगे। अरविंद केजरीवाल द्वारा संचालित इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आईएसी) को पुलिस ने रविवार को जंतर-मंतर पर धरना करने की इजाजत नहीं दी।
टीम अन्ना यहीं से रैली निकालते हुए तीनों नेताओं के घरों का घेराव करने वाले हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडीशा के मुख्यमंत्रियों के घरों के बाहर भी प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पुलिस ने कानून-व्यवस्था के मद्देनजर इसकी भी इजाजत नहीं दी।
आयोजकों से फिर से मांगा आश्वासन : पुलिस ने आयोजकों को एक पत्र भेजा है जिसमें आईएसी की ओर से किसी नए व्यक्ति से आश्वासन मांगा है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त केसी द्विवेदी ने कुमार विश्वास को यह पत्र 23 अगस्त को लिखा था। आईएसी के फेसबुक पेज पर यह चिट्ठी शनिवार को पोस्ट की गई।
चिट्ठी में पुलिस ने कहा है कि ‘मीडिया के जरिए हमें आपके घेराव की जानकारी मिली है। इन इलाकों में निषेधाज्ञा लागू है। इसका उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’
उन्होंने कुमार द्वारा दिए गए आश्वासन मानने से इनकार कर दिया। पुलिस के अनुसार कुमार ने पिछले अवसरों पर भी आश्वासन दिया था लेकिन अपने साथियों को नियंत्रित करने में नाकाम रहे थे।
आपस में ही सहमति नहीं :
किरण बेदी ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल द्वारा भाजपा को निशाना बनाया जाना सही नहीं है। केवल केंद्र सरकार को ही घेरना चाहिए। हालांकि उन्होंने केजरीवाल की रैली का समर्थन किया।
नक्सलियों का साथ छोड़ें, दूंगा साथ :
‘अन्ना हजारे अपनी टीम में मौजूद नक्सलियों का साथ छोड़ दें तो मैं उनका साथ देने को तैयार हूं।’ जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रrाण्यम स्वामी ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में यह कहा। स्वामी ने कहा, ‘मैं बाबा रामदेव के साथ हूं। लेकिन हजारे का साथ नहीं दे सकता क्योंकि उनकी टीम में नक्सली मौजूद हैं।’
इंडिया अगेंस्ट करप्शन को चेतावनी
कोयला घोटाले को लेकर इंडिया अगेंस्ट करप्शन द्वारा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने पीएम आवास व भाजपा अध्यक्ष गडकरी तथा कुछ केंद्रीय मंत्रियों के आवास की सुरक्षा बढ़ा दी है।
साथ ही इस आयोजन के ऑर्गेनाइजर नीरज कुमार को चेतावनी पत्र लिख कर कहा है कि उनकी टीम व समर्थक प्रधानमंत्री आवास व नितिन गडकरी के आवास का घेराव न करें, अन्यथा उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा के लिहाज से भारी संख्या में महिला कर्मियों को भी तैनात किया गया है।
सीएजी द्वारा कोयला घोटाले की रिपोर्ट सार्वजनिक करने के बाद इंडिया अगेंस्ट करप्शन व टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल, प्रशांत भूषण आदि प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसी क्रम में रविवार सुबह दस बजे से जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन व धरने का आयोजन रखा गया है।
इसके लिए दिल्ली पुलिस से इजाजत ले ली गई थी। लेकिन इस बीच शुक्रवार को पुलिस ने एकाएक छह मेट्रो स्टेशनों को रविवार को बंद रखने के लिए दिल्ली मेट्रो को एक लेटर भेजा।
इस पर पुलिस सूत्रों ने बताया कि उन्हें सूचना मिली है कि टीम अन्ना व उनके समर्थक धरने के नाम पर प्रधानमंत्री व गडकरी समेत कई अन्य नेताओं के घरों का घेराव कर सकते हैं।
जिसके बाद नई दिल्ली जिला के अतिरिक्त आयुक्त केसी द्विवेदी द्वारा नीरज कुमार को एक लेटर भी भेजा गया, जिसमें साफ लिखा था कि धरना शांतिपूर्ण होना चाहिए। साथ ही आयोजक को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी समर्थक प्रधानमंत्री आवास व अन्य नेताओं के आवास का घेराव आदि नहीं करेंगे।
यदि ऐसा होता तो उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि तमाम लुटियन जोन इलाके में बैरिकेडिंग व सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।
धारा 144 का भी दिया हवाला
दिल्ली पुलिस ने टीम अन्ना व इंडिया अगेंस्ट करप्शन के सदस्यों को पत्र के माध्यम से बताया है कि प्रधानमंत्री आवास सात रेस कोर्स व लुटियन जोन के प्रमुख हिस्सों में सीआरपीसी की धारा 144 लागू है, इसलिए वहां पर प्रदर्शनकारियों को एकजुट होना अवैध है।
केवल जंतर-मंतर व संसद मार्ग के कुछ हिस्सों पर ही धारा 144 लागू नहीं है। पुलिस का यह भी कहना है कि धारा 144 पहले से ही लागू है क्योंकि इससे पहले टीम अन्ना द्वारा जो धरना हुआ था, उस दौरान कई लोगों ने प्रधानमंत्री आवास व अन्य मंत्रियों के आवास पर एकत्र होकर शांति भंग करने की चेष्टा की गई थी।








