नई दिल्ली. सोमवार को जिस कथित नक्सली माओवादी महिला की तलाश में छत्तीसगढ़ पुलिस ने राजस्थान में छापा मारा था, उसे मंगलवार को दिल्ली के बंसत विहार थाने क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस को समेली गांव की आश्रम अधीक्षिका सोनी सोरी की काफी लंबे वक्त से तलाश थी, जो एक महीने से फरार थी। सोनी पर आरोप है कि उसने नक्सलियों के लिए एस्सार के ठेकेदार 15 लाख रुपए लेने पहुंचे दो लोगों में शामिल थी। सोनी के खिलाफ देश के विरुद्ध युद्ध की साजिश रचने और नक्सली गतिविधियां संचालित करने के मामले दर्ज हैं।
गौरतलब है कि सोमवार को छत्तीसगढ़ पुलिस ने देश की जानीमानी सामाजिक कार्यकर्ता और पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज(पीयूसीएल) की महासचिव कविता श्रीवास्तव के जयपुर स्थित घर पर राजस्थान पुलिस के साथ छापा मारा था। ५क् से अधिक जवानों के साथ उनके घर पहुंचे पुलिसकर्मियों का कहना था कि उन्हें खबर मिली थी कि कविता के घर पर नक्सलवादी महिला छिपी हुई है। लेकिन तलाशी के बाद वहां कोई नहीं मिला। पुलिस ने कविता की दो नौकरों से भी पूछताछ की। इतना ही नहीं, पुलिस ने घर के सामानों को तितर-बितर कर दिया और घर में मौजूद सदस्यों के साथ बदतमीजी की।
छत्तीसगढ़ की निगरानी दल को इस बारे में सूचना मिली थी कि दंतेवाडा में नक्सली गतिविधियां संचालित करने वाली महिला सोनी सोढ़ी जयपुर में बरकत नगर स्थित किसान मार्ग शांति निकेतन कॉलोनी में छिपी हुई है। इस पर छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। बाद में कोर्ट से सर्च वारंट लेकर सोमवार सुबह छापे की कार्रवाई की थी। करीब डेढ़ घंटे तक चली छापे की कार्रवाई में नक्सली महिला नहीं मिली। सके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस टीम वापस लौट गई थी।