शनि पत्नी मंत्र : तंगी व रोगों से निजात पाने का अचूक मंत्र उपाय

शनि की स्तुति और भक्ति दु:ख, पीड़ा का अंत करती है। किंतु शास्त्रों में शनि की प्रसन्नता के लिए कुछ अनूठे उपाय भी बताए गए हैं, जो शोकनाशक माने गए है।
शनि कोप की शांति के ऐसे ही उपायों में शनि पत्नी नाम की स्तुति भी अहम मानी गई है। मान्यता है कि शनि की उपेक्षा से उनकी पत्नी ने ही शनि की दृष्टि क्रूर होने क शाप दिया। जिससे शनि की नजर जिस पर भी पड़ती वह गंभीर दु:खों को प्राप्त करता है।
यही कारण है कि सांसारिक प्राणियों के लिए शनि की पत्नि की उपासना रोग, शोक और दरिद्रता को दूर करने वाली मानी जाती है। खासतौर पर शनिवार के दिन शनि पूजा के समय शनि की पत्नी का अगली तस्वीर के साथ बताए इस मंत्र से ध्यान करें -
ध्वजनी धामनी चैव कंकाली कलहप्रिया।
कण्टकी कलही चाथ तुरंगी महिषी अजा।।
शनेर्नामानि पत्नीनामेतनि सज्जपन् पुमान्।
दु:खानि नाश्येत्यं सौभाग्यंवर्द्धते सुखम्।







