शाम को इस मंत्र से करें दीया-बत्ती, टेंशन होंगे दूर व तिजोरी में पैसा भी भरपूर

हिन्दू धर्म परंपराओं में दिन ढलने का वक्त यानी शाम भी कई तरह से देव पूजा व स्मरण के जरिए मंगलकारी मानी गई है। जहां शाम को अस्त होते सूर्यदेव शिव का संहारक रूप मानकर भी पूजनीय है, वहीं प्रदोष काल शिव उपासना व भ्रमण की शुभ घड़ी। इसी तरह शाम व रात्रि का वक्त मां लक्ष्मी का भ्रमणकाल भी माना गया है। गोधूली बेला भी कई धार्मिक व शुभ कामों को करने के लिए बड़ी ही मंगलकारी घड़ी मानी गई है।
शाम को देव स्मरण से खुशहाल बनने के लिए किए जाने वाले पूजा उपायों में ही दीप लगाने की बड़ी अहमियत है। देवताओं के आगे दीप लगाना सारे क्लेश दूर करने वाला व माता लक्ष्मी की कृपा का उपाय भी माना गया है। शास्त्रों में भक्ति भाव के साथ मंत्र शक्तियां देवताओं की जल्द प्रसन्नता व कृपा देने वाली बताई गईं है।
इसी कड़ी में शाम को विशेष मंत्र के साथ दीप लगाना सुख, समृद्ध करने वाला बताया गया है। जानिए किस खास मंत्र से संध्याकाल में दीप जलाकर दीप व देव स्तुति करें -
सायं ज्योतिः परं ब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दनः ।
दीपो हरतु मे पापं सन्ध्यादीप नमोऽस्तु ते ।।
शुभं करोतु कल्याणं आरोग्यं सुखसम्पदाम् ।
मम बुद्धिप्रकाशं च दीपज्योतिर्नऽस्तु ते ।।







