फ्रांस का सबसे बुजुर्ग ओक का पेड़ और इसपर बना है चर्च, देखिए तस्वीरें

फ्रांस का अलोउविले-बैलेफॉसे गांव ‘शैने चैपेले’ के लिए मशहूर है। इसका मतलब होता है ओक के पेड़ में बना चैपल।
आर्किटेक्चर का यह अनोखा नमूना एक ओक के पेड़ पर बना हुआ है। इसमें पेड़ के सहारे लकड़ी की घुमावदार सीढ़ियां बनी हैं। ये सीढ़ियां ऊपर बने दो चैंबर्स में पहुंचाती हैं। स्थानीय लोग इन कमरों का प्रयोग पूजा के लिए करते हैं।
ओक के इस पुराने पेड़ की उम्र हमेशा से बहस का विषय रही है। फिर भी सभी इस बात पर सहमत हैं कि यह फ्रांस का सबसे बुजुर्ग ओक ट्री है, इसमें कोई शक नहीं।
कहा जाता है कि यह पेड़ 13वीं शताब्दी से लगा हुआ है। उस समय फ्रांस में लुइस नौवें का शासन था और फ्रांस एक मजबूत हुकूमत हुआ करती थी। यह पेड़ हंड्रेड ईयर वॉर, ब्लैक डैथ, रीफॉर्मेशन और नेपोलियन के शासन में भी कायम रहा।
स्थानीय लोक कथाओं के अनुसार ये हजार साल पुराना है। फिर भी विशेषज्ञों का आकलन है कि ये 800 साल पुराना है।
17वीं शताब्दी के अंत में इस पेड़ पर बिजली भी गिरी थी। यह झटका करीब 30 हजार डिग्री सेंटीग्रेड का था, फिर भी यह पेड़ बच गया।





