बैंगन के पौधे पर मिर्ची और टमाटर

जालना (महाराष्ट्र).तीन गमलों में लगाए बैंगन के तीन पौधे एक बड़े परिवार को जरूरत के मुताबिक मिर्ची, टमाटर और बैंगन दे सकते हैं। जालना के एक वैज्ञानिक डॉ. श्रीराम पालवे ने यह कमाल कर दिखाया है।
बैंगन के पौधे पर बैंगनों के साथ साथ मिर्ची और टमाटर भी उगाने का यह प्रयोग जल्द ही लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज होने वाला है। डॉ. पालवे दस वर्षों तक दापोली के कृषि विश्वविद्यालय में सब्जी-तरकारी अनुसंधानकर्ता के पद पर कार्यरत थे।
उन्होंने देखा कि वहां की मिट्टी व माहौल में टमाटर और मिर्ची के पौधे मर जाते हैं, लेकिन बैंगन के पौधों पर कोई असर नहीं होता। ऐसे में डॉ. पालवे ने तय किया कि वे बैंगन के पौधे पर टमाटर और मिर्ची उगाएंगे। उन्होंने बैंगन के पौधे पर ग्राफ्टिंग की और यह प्रयोग सफल रहा।
किचन गॉर्डन के लिए मुफीद
यह अनुसंधान किसानों के लिए बहुत उपयोगी भले न हो लेकिन शहरों में किचन गॉर्डन के लिए यह उपयोगी है। बाग, छत या गैलरी में गमलों में ऐसे दो या तीन पौधे लगाए तो 10 लोगों के परिवार की टमाटर, मिर्ची तथा बैंगन की जरूरत पूरी हो सकती है।
लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में होगा दर्ज
ऐसा पौधा किसी ने लिम्का बुक में दर्ज किया है या नहीं। यह सवाल पूछे जाने पर लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने जवाबी मेल में लिखा कि ऐसा नहीं हुआ है। साथ ही यह अनुरोध भी किया इस प्रयोग की विस्तृत जानकारी भेजी जाए ताकि रिकार्ड में इसे दर्ज किया जा सके।






