गाय ने सींग मारकर बाघ को उतारा मौत के घाट

ये खबर लगती तो अविश्वसनीय सी है लेकिन ये सच है कि एक बाघ को एक गाय ने मार डाला।
बाघ शुक्रवार को गाय के बाड़े में घुस गया था जहाँ गाय ने उसे सींग से मार-मारकर इतना घायल कर दिया था कि शनिवार को उसकी मौत हो गई। हालांकि वन अधिकारियों का कहना है कि बाघ पहले से घायल था और गाय से मिली चोट की वजह से वह बच नहीं सका। ये घटना तमिलनाडु में कोयम्बटूर के वालपराई की है।
चाय उगाने वाले इस गाँव के एक व्यक्ति ज्ञानशेखरन ने शुक्रवार की सुबह क़रीब साढ़े छह बजे देखा कि उसकी गाय के बाड़े में एक बाघ घुसा बैठा है। पहले तो वह डर गया लेकिन उसने पाया कि बार-बार दहाड़ रहे और कराह रहे बाघ में खुद उठकर चलने की शक्ति नहीं बची है। धीरे-धीरे वहाँ लोगों की भीड़ इकट्ठी हो गई लेकिन कोई बाघ के क़रीब जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। आखिर वन विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया।
अधिकारियों ने पड़ोस के इलाके से वन्य पशु चिकित्सक को बुलवाया। चिकित्सक के आते-आते शाम हो गई। लेकिन इसके बाद उसे बेहोशी का इंजेक्शन देकर अस्पताल ले जाया गया और बचाने की कोशिश की गई लेकिन वह बच नहीं सका।
लेकिन अब अधिकारी मान रहे हैं कि पहले से ही घायल शेर शिकार कर सकने में असमर्थ था और आसान शिकार की तलाश में उसने गाय के बाड़े में प्रवेश किया होगा। जहाँ गाय ने अपने बछड़े को बचाने के लिए उस पर सींग से मारना शुरु किया होगा और उसे कगार तक पहुँचा दिया। मनमपल्ली वन क्षेत्र में आमतौर पर तेंदुए जानवरों पर हमला करते हैं और कभी-कभी लोगों पर भी हमले करते हैं।
बाघ आमतौर पर आबादी के इलाके में नहीं आते। अधिकारी मान रहे हैं कि ये बाघ अशक्त होने के कारण इधर चला आया होगा। कोई दस वर्ष की उम्र के इस बाघ को इलाज के बाद भी बचाया नहीं जा सका।
बाघ की मौत के बाद मदुमलाई बाघ अभयारण्य के पशु चिकित्सक ने वर्ल्ड वाइड फंड, गैर सरकारी संगठन के प्रतिनिधियों और कुछ मीडियाकर्मियों की उपस्थिति में उसका पोस्ट मॉर्टम किया। इस दौरान वन विभाग के अधिकारी भी वहाँ मौजूद थे। पोस्टमार्टम से पता चला कि उसके पंजे घायल थे और उसके दिल और अंतड़ियों में साही के कांटे चुभे हुए थे।
अधिकारियों का कहना है कि इससे जाहिर होता है कि जंगल में हुए किसी संघर्ष में बाघ पहले से ही घायल था। उनका कहना है कि घायल होने की वजह से ही वह उसके शिकार करने की क्षमता बुरी तरह से प्रभावित हो गई थी। बहरहाल, उसकी मौत के लिए गाय अंतिम वजह बनी।







