चौंकिए मत, यह तो है 'गुफा की लुटेरी मकड़ी'!
Agency | Aug 19, 2012, 10:05AM IST

वैज्ञानिकों का कहना है कि इस मकड़ी का विकास अन्य मकडिय़ों से अलग तरीके से हुआ है। निश्चित रूप से इसका जैविक परिवार भी अन्य मकडिय़ों से अलग होगा। वर्ष 1870 के बाद उत्तरी अमेरिका से ऐसी पहली मकड़ी मिली है।
गुफा खोजने वालों ने इसके नमूने को सेन फ्रांसिस्को में कैलिफोर्निया एकेडमी ऑफ साइंसेज को भेजे हैं।
कीट विज्ञानियों का कहना है कि पंजों समेत यह मकड़ी 4 सेंटीमीटर लंबी या आधा डॉलर के बराबर आकार की है। कीट विज्ञानी चार्ल्स ग्रीसवोल्ड ने कहा कि यह मकड़ी कमजोर जाल बनाती है। लेकिन वैज्ञानिक यह पता नहीं लगा पाए कि यह मकड़ी क्या और कैसे भोजन करती है। जूकीज पत्रिका के ऑनलाइन संस्करण में इस खोज का वर्णन किया गया है।
वैज्ञानिकों ने उत्तर पश्चिम अमेरिका में स्थित कैलिफोर्निया के जंगलों में भी ट्रोग्लोरैप्टर से मिलती-जुलती मकड़ी खोजी थी। वह खोखले रेड वुड पर पाई गई थी। लेकिन, नई खोज उससे बिलकुल अलग है।






