मिस्र में फराओ के खजाने पर चोरों की नजर

मिस्र में हुस्नी मुबारक की सत्ता से बेदखली के बाद उत्पन्न हुई अस्थिरता का फायदा उठाते हुए चोरों ने देश की धरोहर पर ही धावा बोल दिया है।
पिछले 16 महीनों में प्राचीन मंदिरों व अन्य महत्वपूर्ण ऐतिहासिक इमारतों के आसपास सुरंग खोदने की घटनाओं में 100 फीसदी बढ़ोतरी देखने को मिली है। कई इलाकों में पुलिसिंग चरमरा जाना इसकी प्रमुख वजह बताया जा रहा है।
चोरों के हौसले बुलंद हैं। पिछले वर्ष उन्होंने काहिरा स्थित सबसे बड़े म्यूजियम में सेंध लगाकर वहां प्रदर्शित 51 वस्तुएं चुरा ले गए। एक अन्य व्यक्ति चोरी की 48 मूर्तियों के साथ पकड़ा गया था। इनमें फराओ अख्नातन की मूर्ति भी शामिल थी।
करीब 5000 साल पुरानी मिस्र की सभ्यता से जुड़ी चीजों को देखने के लिए दुनियाभर से लोग वहां पहुंचते हैं। यहां नील नदी और उसके आसपास के इलाके में कई महत्वपूर्ण खोजें की जा चुकी हैं। इनमें कार्टर द्वारा तूतेनखामेन के मकबरे की खोज 20 वीं सदी की एक बेहतरीन खोज मानी जाती है।





