विज़न, कठोर परिश्रम और दृढ़ निश्चय से सब संभव:
बेहतरीन सीईओ,आधुनिक कंप्यूटर के पिता और एक महान इंसान थे जॉब्स। 1990 में जब वह दोबारा एपल लौटे तब कंपनी दिवालिया होने के करीब थी। लेकिन आज दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है। हम भी उनकी तरह खास बन सकते हैं अगर हम उनके जीवन से कुछ सबक ले सकें।