हिटलर के भतीजे ने लड़ी थी उसके खिलाफ लड़ाई

लंदन.एडोल्फ हिटलर का भतीजा जर्मन तानाशाह के खिलाफ जंग में हिस्सा लेना चाहता था। इसके लिए उसने वर्ष 1942 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रैंकलिन रूजवेल्ट को एक बहुत ही भावपूर्ण पत्र लिखा था। 1939 में दूसरा विश्व युद्ध शुरू होने के बाद विलियम पैट्रिक हिटलर नाजी जर्मनी से भाग कर न्यूयॉर्क चला गया था।
अपने पारिवारिक संबंधों के कारण अमेरिकी सेना में शामिल होने की अनुमति नहीं मिलने के बाद पैट्रिक ने रूजवेल्ट को पत्र लिखकर बताया था कि वह क्यों मित्र देशों की ओर से लडऩा चाहता है।
पत्र में उसने लिखा था, 'मैं जर्मनी के उस बदनाम चांसलर और नेता का भतीजा व इकलौता उत्तराधिकारी हूं जो आज बहुत बेचैनी से दुनिया के सभी स्वतंत्र और ईसाई लोगों को गुलाम बनाना चाहता है।'
उसने लिखा था, 'किसी भी और चीज से ज्यादा मैं जितनी जल्दी संभव हो युद्ध होता देखना चाहूंगा और इस तरह मैं स्वतंत्रता के लिए इस सबसे बड़ी लड़ाई में अपने दोस्तों और साथियों को उन्हीं में से एक नजर आऊंगा।'
यह पत्र तत्कालीन एफबीआई निदेशक जे एडगर हूवर के पास पहुंचा जिसने पैट्रिक को नौसेना में शामिल होने की अनुमति दे दी। हालांकि उसे घायल होने पर तीन वर्ष बाद नौसेना छोडऩी पड़ी।
पैट्रिक ने बाद में अपना नाम बदलकर स्टुअर्ट ह्यूस्टन रख लिया। वह हिटलर के सौतेले भाई एलोइस और पहली पत्नी ब्रिजेट डाअलिंग का बेटा था।








