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अब मशीन कराएगी बे-मौसम बारिश
बृजेश उपाध्याय
| May 04, 2012, 09:41AM IST

गुजरात स्टेट बायोटेक्रोलॉजी मिशन के सदस्य डा. रसिक इटालिया ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी)में मोहन भाई के दावे की पैरवी की है। ध्यान देने वाली बात है कि गुजरात स्टेट बायोटेक्रोलॉजी मिशन के अध्यक्ष राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।
मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंसेज के तहत भारत मौसम विज्ञान विभाग के डाइरेक्टर जनरल डा. एल एस राठौर से डा. रसिक इटालिया की बीते गुरूवार को इस बाबत मुलाकात हुई। डा. रसिक ने दैनिक भास्कर को बताया कि इस दावे की सच्चाई के लिए उन्होंने मंत्रालय के सामने परीक्षण का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए उन्होंने इस मानसून किसी भी तीन तारीखों के चुनाव की बात कही है। इन तारीखों पर कहीं भी पिछले सौ साल के रिकॉर्ड से ज्यादा बारिश कराएंगे। डा. एलएस राठौर ने अनुमति देने से पहले मंत्रालय के दूसरे मौसम वैज्ञानिकों से बात करने को कहा है।
महज दसवीं कक्षा तक पढ़े गुजरात के राजकोट जिले के मोहन भाई वेकरिया ने एक मशीन ईजाद की है। फ्रिजनुमा इस मशीन से वैज्ञानिक तरीके से बिना किसी रसायन के उपयोग किए वह अपनी मर्जी के मुताबिक बारिश कराने का दावा करते हैं। मोहन भाई ने दैनिक भास्कर को बताया कि बिन मौसम भी बरसात कर सकते हैं। करीब 12 साल से लगातार यह प्रयोग कर रहे हैं। इस प्रयोग की खातिर उन्हें अपनी सारी जमीन बेंचनी पड़ी है।
कब कैसे कराई बारिश
पहली बार साल 2011 के सितंबर महीनें में अबडासा तालुके के विधायक जयंती भाई भनुशाली ने इस आविष्कार का परीक्षण कराया। उन्होंने इसी तालुके में सात इंच से ऊपर बारिश कराने पर हर एक इंच के लिए एक लाख रुपए देने का वादा किया। उस वक्त तालुके में 18 इंच (उच्चतम रिकॉर्ड)बारिश हुई। इसी वक्त कच्छ के सारे डैम बारिश की वजह से पानी से लबालब हो गए। मोहन भाई के मुताबिक सीजन के वक्त करीब एक हफ्ते मशीन चलाने के बाद उसका नतीजा सामने आता है।







