पाकिस्तान जब से अस्तिव में आया है तब से ही वह कई बार अपने नापाक इदारों को दिखा चुका है। चाहे 1947 की घुसपैठ हो या 1965, 1971 के युद्ध या फिर 1999 का कारिगल युद्ध हर बार पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी है। हमारे जांबाज सैनिकों ने पाकिस्तानियों को मुंहतोड़ जवाब दिया।
हमारे सैनिकों के पराक्रम और वीरता की अनेक गाथाएं हैं, लेकिन उनमें से कुछ ऐसे हैं जिन्होंने अपनी परम वीरता की ऐसी गाथा लिखी है कि उन्हें देश सदियों तक नहीं भूल पाएगा। आजादी के बाद हुए युद्धों के दौरान दिखाई गई परमवीरता के लिए अब तक 21 लोगों को परमवीर चक्र से सम्मनित किया गया है।
64वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर शुरू की गई विशेष सीरीज में आज dainikbhaskar.com आपको बता रहा है 1965 के युद्ध में ऐसी ही वीरता दिखाने के लिए परमवीर चक्र पाने वाले सैनिकों की कहानी।
आगे स्लाइड्स में जाने कैसे वीर अब्दुल हमीद ने अकेले ही छुड़ा दिए थे पाकिस्तानी सेना के छक्के। साथ में जाने किन-किन वीरों को अब तक दिया गया है परमवीर चक्र।
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