अक्सर ठंड लगने से खड़े होने वाले रोएं से हम किसी व्यक्ति के मन के भावों को भी पहचान सकते हैं। कोई व्यक्ति भले ही झूठ बोल रहा हो, लेकिनशरीर के रोएं से उसका पता लग जाता है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि जिस तरह रोएं किसी व्यक्ति की त्वचा पर खड़े होते हैं उससे डर, खुशी और चौंकाने वाले जैसे भावों का पता लग जाता है। भले ही व्यक्ति अपने भावों को छुपाने की कोशिश करे, लेकिन त्वचा के रोएं सच बोल देते हैं।
यूनिवर्सिटी ऑफ कैंटकी के प्रोफेसर रिचर्ड स्मिथ का कहना है कि हम सोचते हैं कि रोएं सिर्फ सर्दी या डर लगने पर ही खड़े दिखाई देते हैं। असल में यह डर के साथ, ताज्जुब और किसी व्यक्ति द्वारा किए गए विशिष्ट काम को देखकर भी महसूस किए जाते हैं।
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