ब्राजीलिया. सामान्य मान्यताओं के अनुसार बच्चा बड़ा होकर अपने पैरों पर खड़ा हो जाए और अपनी जिम्मेदारियां समझने लगे तो यह मान लिया जाता है कि वह जवानी की दहलीज पर कदम रख चुका है।
लेकिन ब्राजील के सातेरे-मावे जनजाति में युवकों को जवान तभी माना जाता है, जब वे एक पुरानी परंपरा से गुजरते हैं।
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