आंख और सूई का आपस में कोई रिश्ता नहीं होता है और दोनों का साथ भी अच्छा नहीं होता है, लेकिन कई लोग इससे थोड़ा अलग सोचते हैं। कई लोग अपनी आंखों में भी टैटू बनवाने से बाज नहीं आते हैं। इसके लिए टैटू बनाने वाले परंपरागत सूईयों का इस्तेमाल किया जाता है। तस्वीर में आप साफ देख सकते हैं कि कैसे एक इंसान की आंख को खोला रखा गया है और कॉर्निया में रंग डाला जा रहा है। आपको बता दें कि 19वीं शताब्दी में कॉर्नियल टैटू का इस्तेमाल खराब आंखों में सुधार करने के लिए किया जाता था। वहीं, अब इसका इस्तेमाल आंखों को सजाने के लिए किया जा रहा है।