साइबर टेररिज्म
जीवन में कनेक्टिविटी के बढ़ते महत्व को देखते हुए इसमें कोई संदेह नहीं कि साइबर टेररिज्म भी बढ़ेगा। स्टक्सनेट और डेनियल ऑफ सर्विसेज जैसे वायरस के वेबसाइट्स पर हुए हमले ने इस तरह के खतरों का आभास करा दिया है। कोई देश, व्यवसाय या समुदाय इनकी सीमा से बाहर नहीं है। अंतरराष्ट्रीय समझौते की कमी ने इनके खतरे को और व्यापक बना दिया है। नए साल में नीति निर्माताओं के एजेंडे में यह जरूर शामिल रहेगा।