पेटेंट्स मामलों को लेकर सैमसंग और एप्पल के बीच चल रही कानूनी लड़ाई में शुक्रवार को आए अमेरिकी अदालत के फैसले का स्मार्टफोन और टैबलेट बाजार पर व्यापक असर हो सकता है। सैमसंग इस जंग में हर मोर्चे पर हारी है। इस दक्षिण कोरियाई इलेक्ट्रानिक कंपनी को एक अरब डॉलर से अधिक (लगभग 55 अरब रुपये) का हर्जाना देने के लिए कहा गया है। जाहिर है इसका असर सैमसंग पर सबसे ज्यादा होगा। आगे से सैमसंग अपने प्रॉडक्ट्स के डिजाइन में भी ज्यादा सावधानी बरतेगी। यही नहीं स्मार्टफोन बाजार के अन्य खिलाड़ी भी अपने प्रॉडक्ट्स को लेकर ज्यादा संवेदनशील हो जाएंगे। सैमसंग के स्मार्टफोन गूगल के फ्री मॉर्केट ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रॉयड पर चलते हैं। अपने हॉर्डवेयर पार्टनर की इस तगड़ी हार का असर गूगल पर भी होगा। हालांकि स्मार्टफोन और टैबलेट बाजार में जबरदस्त तैयारी के साथ कदम रख रही माइक्रोसॉफ्ट पर इसका कोई खास असर नहीं होगा। माइक्रोसॉफ्ट अपना नया ऑपरेटिंग सिस्टम विकसित कर रही है। (और क्या होगा असर,जानने के लिए आगे क्लिक करते जाएं) पेटेंट केस: फैसला मानने से सैमसंग का इनकार सैमसंग-एप्पल की जंग के इन पहलुओं को समझना ज़रूरी है इन 5 वजहों से नंबर वन कंपनी बनी एप्पल एप्पल को टक्कर देने के लिए सैमसंग लाई गैलेक्सी एस 3