आईफोन-5 का दम: दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को देगा ‘धक्का’

12 सितंबर को रिलीज़ होने वाले आईफोन -5 के बारे में बहुत कुछ कहा जा रहा है। एप्पल के इस नए डिवाइस की रिकॉर्डतोड़ बिक्री के भी क़यास लगाए जा रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आईफोन-5 नाम का यह छोटा सा डिवाइस अमेरिका की भारी-भरकम अर्थव्यवस्था में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। दुनिया की बैंकिंग और फायनेंस क्षेत्र की दिग्गज कंपनी जे.पी मार्गन से जुड़े माईकल फेरोली के मुताबिक नए आईफोन की रिलीज़ अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 0.33 प्रतिशत योगदान दे सकती है।
“क्या किसी अदने से फोन से किसी अर्थव्यवस्था को फ़र्क पड़ेगा ?" नाम के अपने एक नोट में फेरोली ने इस सवाल का जवाब हां में दिया, और उन्होंने इसका कारण दिया “ हमारे इक्विटी विशेषज्ञों का मानना है कि चौथी तिमाही में करीब 8 मिलियन आईफोन-5 बिकेंगे और इस दौरान पुराने आईफोन की बिक्री भी सामान्य गति से चलेगी।
हर नए फोन का दाम करीब 600 डॉलर और इसकी मेन्यूफेक्चरिंग और इंपोर्ट में आने वाला खर्च 200 डॉलर है, इसका मतलब है कि ट्रेड मार्जिन के तौर पर बचे 400 डॉलर प्रति फोन। इस गणित के हिसाब से माइकल फेरोली ने आकंलन किया कि 8 मिलियन फोन बिकने के साथ ही अमेरिका की 2012 में चौथी तिमाही की जीडीपी 3.2 बिलियन डॉलर होगी यानी सालाना 12.8 बिलियन डॉलर। इस हिसाब से अमेरिका के सकल घरेलू उत्पाद में 0.33 प्रतिशत की सालाना गति होगी।
फेरोली कहते हैं कि इन आकंड़ो में कुछ अशुद्धियां भी हो सकती हैं इसलिए इन्हें पूरी तरह सत्य न माना जाए। लेकिन उनके इस आर्थिक गणित को इस बात से भी बल मिलता है कि पिछले साल अक्टूबर 5 को लांच हुए आईफोन-4S को जैसे ही दुनिया भर में बेचना शुरू किया गया, बिक्री में ज़बरदस्त बढ़ोत्तरी देखी गई थी। स्मार्टफोन बाज़ार में सैमसंग के दबदबे के कारण उभरे नए समीकरणों की वजह से आईफोन-5 की रिलीज़ आईफोन-4एस से भी ज़्यादा बड़ी मानी जा रही है।








