गुरू ये गूगल है, डॉ. गूगल नहीं बचके!
dainikbhaskar.com | Jul 24, 2012, 13:12PM IST

हांगकांग यूनिवर्सिटी के साइंस और टेक्नॉलॉजी विभाग के रिर्सचरों का कहना है, कि इस तरह अपनी सेहत के बारे में गूगल पर निर्भरता गंभीर परेशानियों का कारण बन सकती है।
अपनी तबीयत के इस तरह हल खोजने वालों में दो बड़ी मानसिक स्थितियां विकसित हो सकती हैं। पहली उनमें सेहत को लेकर हद से अधिक सकारात्कमक्ता आ सकती है और इसके कारण अपनी सेहत के प्रति लापरवाह हो सकते हैं।
दूसरी स्थिति में लोग नकारात्मक हो सकते हैं, और फिर हो सकता है कि उन्हें सीने में जलन भी हार्टअटेक की तरह लगे।






